30 साल की सेवा और आंखों में आंसू: जमशेदपुर में 9 शिक्षकों की विदाई पर क्यों थम गई सबकी निगाहें?

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर:सेवा से सेवानिवृत्त होना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन एक शिक्षक का दायित्व और समाज के प्रति उनका योगदान कभी समाप्त नहीं होता। ये विचार जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने समाहरणालय सभागार में आयोजित एक गरिमामय विदाई समारोह के दौरान व्यक्त किए। शिक्षा विभाग में अपनी लंबी और सराहनीय सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए 9 शिक्षकों के सम्मान में जिला प्रशासन की ओर से इस सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इस भावुक और आत्मीय माहौल में अधिकारियों ने शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उनके सुखद, स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कामना की।

इन 9 राष्ट्र निर्माताओं को किया गया सम्मानित
​शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने के लिए प्रशासन की ओर से रमाशंकर सिंह, सुतीर्थ कुमार राणा, फुलमनी हेंब्रम, रामनारायण सिंह, रीता कुमारी पॉल, नीलम कुमारी, एमलेन टोपनो, पंकज कुमार सीट, अरुण कुमार झा शिक्षकों को शॉल, पुष्पगुच्छ और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं शिक्षक: प्रशासन
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे मजबूत आधारशिला होते हैं। उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों का लंबा अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगा। वहीं धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा ने शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्य, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भरते हैं। वर्षों की सेवा में इन गुरुओं ने अनगिनत छात्रों का भविष्य संवारा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज को इनके मार्गदर्शन का लाभ मिलता रहेगा।

यादों के पन्नों को पलट भावुक हुए शिक्षक
​समारोह के दौरान सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों ने भी अपने कई दशकों के सेवाकाल के खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा किया। उन्होंने जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि भले ही वे औपचारिक सेवा से मुक्त हो रहे हैं, लेकिन शिक्षा और समाज के प्रति उनका समर्पण हमेशा बना रहेगा।

समारोह में ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला शिक्षा पदाधिकारी निशु कुमारी, जिला शिक्षा अधीक्षक जूही रानी समेत शिक्षा विभाग के कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का माहौल काफी आत्मीय, भावनात्मक और सम्मानजनक रहा।

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