डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर :एमजीएम अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों डॉ. समीर कुमार लाल और डॉ. सक्षम कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नया मोड़ आ गया है। हत्या के शक को बल देती इस रिपोर्ट में सिर पर किसी धारदार या भारी चीज से वार किए जाने और शरीर पर गहरे अंदरूनी घावों का खुलासा हुआ है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन बड़े खुलासे
सिर पर 2 सेमी गहरा घाव: डॉ. समीर के सिर के आगे और दाहिने हिस्से में लगभग दो सेंटीमीटर गहरा जख्म पाया गया है। डॉक्टरों की टीम के मुताबिक यह चोट किसी नुकीले हथियार या किसी भारी पत्थर से सीधे वार किए जाने के कारण हुई हो सकती है।
दिमाग में थक्का और सीने में तरल: रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि सिर की घातक चोट के कारण मस्तिष्क में अंदरूनी रक्तस्राव और भारी सूजन आ गई थी। इसके अलावा, सीने में तरल पदार्थ भी पाया गया है।
पानी में दम घुटना तात्कालिक कारण: मौत की मुख्य वजह पानी में डूबने से सांस न ले पाना दर्ज की गई है, हालांकि शरीर और सीने के अन्य हिस्सों में भी गंभीर अंदरूनी चोटों के निशान मिले हैं।
डूबकर मौत या हत्या की साजिश?
24 जुलाई की रात डिमना लेक के समीप दोनों डॉक्टर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए थे, जिसके बाद 25 जुलाई को दोनों के शव बरामद किए गए थे। शुरुआती जांच में इसे केवल एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के इन चौंकाने वाले तथ्यों के सामने आने के बाद मर्डर का अंदेशा गहरा गया है।
पीड़ित परिवारों ने एमजीएम अस्पताल के ही सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
डॉ. समीर के पिता (अजय कुमार लाल): बोड़ाम थाने में एमजीएम के जूनियर डॉक्टर यश कुमार समेत अन्य सहकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है।
डॉ. सक्षम के पिता (सत्येंद्र कुमार सिंह): डॉ. यश कुमार और डॉ. सचिन कुमार सहित अन्य सहयोगियों पर साजिश के तहत हत्या करने का नामजद आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस कार्रवाई और जांच की स्थिति
पटमदा के डीएसपी दयानंद कुमार के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट को केस डायरी का हिस्सा बना लिया गया है। पुलिस रिपोर्ट में आए तकनीकी तथ्यों, फोरेंसिक साक्ष्यों और घटनास्थल पर मौजूद संदिग्धों की भूमिका को आपस में जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है। बोड़ाम थाना पुलिस नामजद आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है।

