डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में जन वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न और राशन वितरण की कछुआ चाल पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। समाहरणालय सभागार में आयोजित आपूर्ति विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन कल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही और ढिलाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अगस्त में महज 4% राशन बंटा, अधिकारियों की लगाई क्लास
बैठक के दौरान जब आंकड़ों की समीक्षा की गई, तो सामने आया कि अगस्त महीने में NFSA और JSFSS के तहत अब तक महज 4% खाद्यान्न का ही वितरण हो सका है। हालांकि, डाकिया योजना के तहत PVTG परिवारों को राशन मिल चुका है। वितरण की इस सुस्त रफ्तार पर गहरी अप्रसन्नता जताते हुए उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से वितरण में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया।
63 फर्जी लाभुकों पर कार्रवाई न होने पर शहरी MO पर गिरी गाज
पिछले महीने चिह्नित किए गए 63 डुप्लीकेट लाभुकों के नाम हटाने की प्रक्रिया में एक कदम भी प्रगति न होने पर उपायुक्त का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने शहरी क्षेत्र के एमओ को सख्त ताकीद करते हुए इसी चालू माह के भीतर सभी डुप्लीकेट व फर्जी लाभुकों को सूची से बाहर का रास्ता दिखाने का अल्टीमेटम दिया।
टैक्सपेयर्स को चेतावनी: पूरे परिवार का कटेगा राशन कार्ड
आयकर चुकाने के बावजूद सरकारी राशन का लाभ उठा रहे लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अगर राशन कार्ड में किसी भी आयकरदाता का नाम पाया जाता है, तो केवल उस व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार का नाम राशन कार्ड से निष्कासित कर दिया जाएगा।
ट्रांसपोर्टरों को 1 सप्ताह का अल्टीमेटम, राशन का बनेगा ‘कीट’
गोदामों से पीडीएस डीलरों तक खाद्यान्न पहुंचाने की डोर-स्टेप डिलीवरी प्रक्रिया में भी सुस्ती पाए जाने पर उपायुक्त ने ट्रांसपोर्टरों को अंतिम चेतावनी दी। उन्होंने निर्देश दिया कि 7 दिनों के भीतर खाद्यान्न हर हाल में डीलरों तक पहुंच जाना चाहिए। साथ ही नमक और चना दाल वितरण को सुचारू बनाने के लिए सभी सामग्रियों का एक साथ कीट बनाकर बांटने का आदेश दिया गया, ताकि लाभुकों को चक्कर न लगाने पड़ें।
आवेदन लंबित रखे तो खैर नहीं: e-KYC और ERCMS पर जोर
राशन कार्ड में नाम जोड़ने, कार्ड सक्रिय करने, ERCMS में DSO व BSO स्तर पर लंबित आवेदनों और PGMS पोर्टल की शिकायतों को हल करने के लिए एक सप्ताह की समय-सीमा तय की गई है। बैठक में सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना, e-KYC की प्रगति, गोदामों की मरम्मत और दाल-भात केंद्रों के संचालन की भी गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को हिदायत दी कि पात्र लाभुकों को योजना का लाभ मिलने में कोई अड़चन नहीं आनी चाहिए।

