डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड के सरायकेला-राजनगर मुख्य मार्ग पर अहले सुबह महतो ढाबा के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे यातायात सिस्टम की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। एक बेकाबू हाइवा ने सड़क किनारे खड़े ट्रक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उसके बाद 14 घंटे तक इस रूट पर गाड़ियां रेंगने को मजबूर हो गई।
नींद की एक झपकी और हो गया भीषण हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक यह खौफनाक हादसा अंधेरे और चालक की लापरवाही का नतीजा था। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार में आ रहे हाइवा के ड्राइवर को अचानक झपकी आ गई। अंधेरा होने के कारण उसे किनारे खड़ा ट्रक नजर नहीं आया और उसने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी भयानक थी कि खड़ा हुआ ट्रक छिटक कर सीधे सड़क किनारे खेत में जा गिरा। वहीं, हाइवा का केबिन पूरी तरह से पिचक गया और चालक उसी में बुरी तरह फंस गया।
मलबे से निकाला गया ड्राइवर, हालत नाजुक
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों ने फुर्ती दिखाते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सरायकेला पुलिस ने ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद केबिन काटकर ड्राइवर को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल चालक को आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति बेहद नाजुक बताई जा रही है।
5 किलोमीटर लंबा महाजाम, दिनभर छूटते रहे प्रशासन के पसीने
इस दुर्घटना का सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। हादसे के फौरन बाद महतो ढाबा से लेकर सरायकेला सर्किट हाउस तक वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई।
जर्जर सड़कों को लेकर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
इस हादसे ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा। ग्रामीणों का साफ कहना है कि इस इलाके में लगातार हो रहे हादसों की मुख्य वजह यहां की खस्ताहाल सड़कें और वाहनों की बेलगाम रफ्तार है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि कई बार लिखित शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने आज तक सड़क मरम्मत की सुध नहीं ली है, जिसके कारण आए दिन लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

