डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : भारतीय ऑटोमोबाइल दिग्गजों में शामिल टाटा मोटर्स ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए बाजार को चौंका दिया है। कंपनी का टैक्स पश्चात मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 83 प्रतिशत बढ़कर 2,556 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी बोर्ड की बैठक में 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी गई। समीक्षाधीन अवधि में कंपनी की समेकित परिचालन आय 19% बढ़कर 20,667 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
EV और कमर्शियल वाहनों की बंपर मांग
3,400+ इलेक्ट्रिक वाहन ऑर्डर: कंपनी को विभिन्न श्रेणियों में 3,400 से अधिक इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों के नए ऑर्डर मिले हैं।
थोक बिक्री में तेजी: टाटा मोटर्स की कुल थोक बिक्री 1.087 लाख वाहन रही, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से 26% अधिक है।
निर्यात और घरेलू मांग: घरेलू बिक्री में 26% और निर्यात में 35% की बढ़ोतरी देखी गई।
बाजार में दबदबा: घरेलू वाणिज्यिक वाहन बाजार में टाटा की हिस्सेदारी 36.8% और भारी वाणिज्यिक वाहनों में 56.3% रही।
लखनऊ प्लांट का कीर्तिमान: कंपनी के लखनऊ संयंत्र ने वाणिज्यिक वाहनों के 10 लाख उत्पादन का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया है।
रणनीतिक कदम: फ्रेट टाइगर बनी सहायक कंपनी, आइवेको सौदे को जल्द हरी झंडी
लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए टाटा मोटर्स ने मई 2026 में 95.66 करोड़ रुपये में फ्रेट टाइगर की 18.1% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी, जिससे अब उसकी कुल हिस्सेदारी 63.6% हो गई है। इसके साथ ही फ्रेट टाइगर अब टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी बन गई है।
आइवेको अधिग्रहण
आइवेको सौदे की अंतिम नियामकीय मंजूरी केवल एक कदम दूर है। उम्मीद है कि अगस्त के अंत तक मंजूरी मिलने के बाद सितंबर में टेंडर ऑफर शुरू होगा और नवंबर 2026 तक प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
मजबूत कैश फ्लो और वित्तीय स्थिति
नेट कैश स्थिति: समेकित आधार पर कंपनी के पास 13,500 करोड़ रुपये की मजबूत कैश स्थिति है, जिसमें घरेलू कारोबार का योगदान 7,100 करोड़ रुपये है।
लाभांश: कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1,473 करोड़ रुपये का अंतिम लाभांश दिया है।
कंपनी का विजन
टाटा मोटर्स के एमडी व सीईओ गिरिश वाघ ने कहा कि मजबूत उत्पाद पोर्टफोलियो, नवाचार और ग्राहकों को बेहतर वैल्यू देने के निरंतर प्रयासों से कंपनी आने वाली तिमाहियों में भी अपनी विकास दर बनाए रखेगी।

