मंत्री दीपिका पांडे ने साफ किया सरकार का रुख छात्रों के साथ तीसरी वार्ता से पहले इन बातों पर बनी सहमति

Reena Sharma
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झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की बातचीत होने जा रही है। इससे पहले मंत्री दीपिका पांडे ने सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि पिछली दो वार्ताओं में छात्रों की कई मांगों पर सहमति बनी है। राहुल गांधी ने भी 14 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर छात्रों से संवाद करने की अपील की थी। सरकार को उम्मीद है कि तीसरे दौर की बातचीत में विवाद का रास्ता निकलेगा।

सरकार के अनुसार 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा JSSC-CGL और TDPL के जरिए कराई गई परीक्षाओं को भी जांच के दायरे में रखने की बात हुई है। TDPL की परीक्षाओं की जांच राज्य की जांच एजेंसी CID करेगी। मंत्री ने कहा कि यदि किसी केंद्रीय एजेंसी से जांच की जरूरत महसूस होती है तो ED को भी पत्र लिखा जाएगा। जांच की निगरानी न्यायिक कमेटी से कराने और इसे 90 दिनों के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

JSSC-CGL के परिणाम को लेकर सरकार ने अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट की है। मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद परीक्षा का परिणाम जारी हुआ, नियुक्ति पत्र दिए गए और चयनित अभ्यर्थी करीब एक साल से काम कर रहे हैं। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों में राज्य सरकार के लिए परिणाम रद्द करना आसान नहीं है। सरकार ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि CID की जांच की न्यायिक निगरानी कराकर दोष पाए जाने की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया के जरिए कार्रवाई की जाएगी।
इधर, रांची में सरकारी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का आंदोलन 24वें दिन भी जारी है और कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर हैं।

छात्रों का कहना है कि वे सरकार से बहस नहीं, बल्कि अपनी मांगों का समाधान चाहते हैं और किसी तरह के समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने सरकार को 18 अगस्त तक का समय दिया है और मांगें पूरी नहीं होने पर 20 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों से छात्रों के मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी दी है।

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