डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : मानसून की बारिश के बीच चांडिल गोलचक्कर के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कांड्रा मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के पास पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढहकर सड़क पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि जिस पल मलबा गिरा, वहां से कोई गाड़ी या पैदल यात्री नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ा नुकसान हो सकता था।
अधूरे प्रोजेक्ट और ढिलाई ने बढ़ाई आफत
जिस सड़क पर यह हादसा हुआ, उसे हाल ही में पहाड़ काटकर बनाया गया है। निर्माण कार्य अभी पूरी तरह संपन्न भी नहीं हुआ है, लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि बिना सुरक्षा मानकों के ही इस पर ट्रैफ़िक शुरू कर दिया गया। पहाड़ के कटे हुए हिस्से को सुरक्षित करने के लिए न तो रिटेनिंग वॉल बनाई गई है और न ही नेट या जाल बिछाए गए हैं। ऐसे में लगातार हो रही बारिश से मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का जोखिम कई गुना बढ़ गया है।
रास्ते पर बिखरा मलबा, राहगीरों की थमी सांसें
घटना के बाद से पूरी सड़क पर भारी मलबा पसरा हुआ है, जिससे आवाजाही में वाहन चालकों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में इस अनदेखी को लेकर भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों की मांग: पहले सुरक्षा, फिर आवागमन
क्षेत्र के ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें
तत्काल सफाई: सड़क पर फैले खतरनाक मलबे को तुरंत हटाया जाए।
सुरक्षा ऑडिट: पहाड़ कटाई वाले सभी संवेदनशील स्पॉट्स का तुरंत तकनीकी निरीक्षण हो।
पुख्ता इंतजाम: कटाव रोकने के लिए जल्द से जल्द रिटेनिंग वॉल या अन्य सुरक्षा घेरा तैयार किया जाए।
स्थानीय निवासियों का साफ कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने इस जानलेवा लापरवाही पर ध्यान नहीं दिया, तो किसी दिन बड़ा हादसा होना तय है।

