डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : कोल्हान विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के आयोजन और परीक्षा परिणामों के प्रकाशन में हो रही बेतहाशा देरी के खिलाफ छात्रों का सब्र अब टूट चुका है। यूनिवर्सिटी की लापरवाही के कारण छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक सत्र बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे परेशान होकर अब छात्रों ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।
अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित छात्र जमशेदपुर स्थित उपायुक्त कार्यालय के सामने एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि यह तो बस आंदोलन की शुरुआत है, अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, तो इसे उग्र रूप दिया जाएगा।
आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें
परीक्षा कैलेंडर का पालन: राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन तय शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार समय पर परीक्षाओं का आयोजन कराए और परिणाम जारी करे।
सत्र नियमित करने की योजना: लंबित पड़े सत्रों को ट्रैक पर लाने के लिए प्रशासन एक ठोस कार्ययोजना तैयार करे और उसे सार्वजनिक करे।
जवाबदेही और कार्रवाई: परीक्षाओं में हो रही देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
दो साल की पढ़ाई में लग रहे चार साल
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र राहुल रघुवंशी, शशि, सुमित, विशाल कुमार, आसिफ अंसारी, अनुज सिंह, मोहन कुमार और विशाल यादव ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर तीखा हमला बोला। छात्रों का कहना है कि बिना आंदोलन के यहां कोई सुनवाई नहीं होती।
यूनिवर्सिटी की लचर व्यवस्था का आलम यह है कि दो साल का कोर्स चार साल में, तीन साल का कोर्स पांच साल में और चार साल का कोर्स छह साल में पूरा हो रहा है। लेट सेशन के कारण विद्यार्थी न तो किसी प्रतियोगी परीक्षा में बैठ पा रहे हैं और न ही उच्च शिक्षा के लिए कहीं दाखिला ले पा रहे हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के बाद अगर यही हाल रहा, तो छात्रों का करियर पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।

