बीसीसीएल की खनन परियोजनाओं और विकास योजनाओं की समीक्षा का दो दिवसीय कार्यक्रम
प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर धनबाद पहुंचे। दुर्गापुर के काजी नजरूल इस्लाम एयरपोर्ट पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार तथा बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। दौरे के दौरान वे बीसीसीएल की विभिन्न खनन परियोजनाओं, अग्नि प्रभावित क्षेत्रों और पुनर्वास स्थलों का निरीक्षण करने के साथ जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे।
धनबाद पहुंचने से पहले मां कल्याणेश्वरी मंदिर में की पूजा
दुर्गापुर एयरपोर्ट से धनबाद के लिए रवाना होने के बाद तरुण कपूर ने मैथन स्थित प्रसिद्ध मां कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने कोयला भवन स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में बीसीसीएल के शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कोयला उत्पादन, खनन परियोजनाओं और प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
मुनीडीह से एना फायर प्रोजेक्ट तक होगा स्थलीय निरीक्षण
दौरे के दौरान तरुण कपूर मुनीडीह क्षेत्र में संचालित कोल बेड मीथेन प्रोजेक्ट एवं लॉन्गवॉल प्रोजेक्ट का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा कुसुंडा क्षेत्र के एना फायर प्रोजेक्ट का दौरा कर उच्च जोखिम वाले स्थलों की स्थिति का जायजा लेंगे। इस दौरान वे प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद भी करेंगे और उनकी समस्याओं की जानकारी लेंगे।
बेलगड़िया और करमाटांड़ पुनर्वास स्थलों का लेंगे जायजा
मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को तरुण कपूर झरिया मास्टर प्लान के तहत बेलगड़िया एवं करमाटांड़ स्थित पुनर्वास स्थलों का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद समाहरणालय सभागार में झरिया मास्टर प्लान, जेआरडीए, एनएचएआई, रेलवे, बीएसएनएल एवं टेलीकॉम विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभिन्न विकास एवं पुनर्वास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट
प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और विधि-व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं। उपायुक्त के निर्देशानुसार संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि दो दिवसीय दौरे के दौरान निरीक्षण, बैठकों और अन्य निर्धारित कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

