डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर:शहर के एमजीएम अस्पताल और कॉलेज परिसर में जूनियर डॉक्टरों की हालिया पानी में डूबने से हुई दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस अप्रिय घटना से सबक लेते हुए अस्पताल प्रबंधन ने छात्रों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसके तहत हॉस्टल परिसरों में कई कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। हाल ही में हुई छात्रावास समिति की एक अहम बैठक में पीजी, गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। नए नियमों के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए हॉस्टल और कॉलेज कैंपस की टाइमिंग तय कर दी गई है।
नए नियमों के मुख्य बिंदु
बाहर निकलने पर रोक: रात 8 बजे के बाद किसी भी छात्र-छात्रा के अनावश्यक रूप से हॉस्टल से बाहर निकलने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
मुख्य गेट बंद होने का समय: रात 10 बजे कॉलेज का मुख्य गेट पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, जिसके बाद किसी भी हॉस्टल का मुख्य गेट नहीं खोला जाएगा।
वार्डन की अनुमति अनिवार्य: आपातकालीन या विशेष परिस्थितियों में ही वार्डन की विशेष अनुमति मिलने पर ही गेट खोलने का प्रावधान रखा गया है।
फूड डिलीवरी पर कड़े प्रतिबंध: रात के समय बाहर से आने वाले खाने को लेकर भी नए नियम बनाए गए हैं। अब सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ही हॉस्टल में खाना मंगाया जा सकेगा। इसके बाद किसी भी तरह की फूड डिलीवरी की अनुमति नहीं होगी।
डिलीवरी ब्वॉय की एंट्री बैन: सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किसी भी फूड डिलीवरी ब्वॉय को हॉस्टल के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्हें केवल सिक्योरिटी गार्ड के पोस्ट तक ही आने की छूट होगी।
अस्पताल प्रबंधन के इन कड़े फैसलों से साफ है कि छात्रों की सुरक्षा अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुकी है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय घटना से प्रभावी ढंग से बचा जा सके।

