डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : झारखंड की तीन होनहार बेटियों—रौशनी आईंद, विनिमा और पार्वती टोपनो ने एक बार फिर देश और प्रदेश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। चीन के मोकी में खेले गए एएचएफ महिला जूनियर एशिया कप 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने मेजबान चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार एशियाई सुल्तान का ताज अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ ही भारत ने आगामी जूनियर विश्व कप के लिए भी पक्का टिकट हासिल कर लिया है।
रांची के प्रतिष्ठित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स, बरियातू की इन तीनों छात्राओं ने इस स्वर्णिम सफलता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। बरियातू के उसी एस्ट्रोटर्फ मैदान पर पसीना बहाकर तैयार हुई इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की जीत की इबारत लिखी है।
मैदान पर ऐसा रहा बेटियों का जलवा
रौशनी आईंद (मिडफील्डर): पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में रौशनी ने अपनी स्टिक का जादू दिखाते हुए दो शानदार गोल दागे। इस मैच में भारत ने पाकिस्तान को 19-0 के विशाल अंतर से रौंदा था।
विनिमा धान (मिडफील्डर): मलेशिया के खिलाफ भारत की 11-1 से धमाकेदार जीत में विनिमा ने एक गोल दागा। इसके अलावा, पाकिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने गोल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।
पार्वती टोपनो (डिफेंडर): रक्षापंक्ति (डिफेंस) की दीवार बनकर खेल रही पार्वती ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय किले को सुरक्षित रखा और कई मौकों पर विपक्षी टीमों के खतरनाक हमलों को नाकाम किया।
कोच और विद्यालय परिवार में जश्न का माहौल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड की बेटियों की इस शानदार उपलब्धि से बरियातू स्थित विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल है। खिलाड़ियों की इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए विद्यालय की हॉकी कोच करुणा पूर्ति ने कहा कि यह मुकाम उनकी असाधारण प्रतिभा, अनुशासन और कड़े संघर्ष का परिणाम है। बरियातू के एस्ट्रोटर्फ से निकलकर एशिया की चैंपियन बनने तक का यह सफर स्कूल की अन्य छात्राओं के लिए भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। खेल प्रेमियों और विद्यालय परिवार को पूरी उम्मीद है कि ये तीनों बेटियां आने वाले समय में भारतीय महिला हॉकी को और भी बुलंदियों पर ले जाएंगी।

