सरकार की सख्ती के बाद झुका Meta, बाल यौन शोषण मामलों की रिपोर्टिंग पर दी सहमति

Reena Sharma
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भारत में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सरकार के सख्त रुख के बाद सोशल मीडिया कंपनी Meta ने बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों और बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) की रिपोर्ट संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने पर सहमति जताई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी Meta अब ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित एजेंसियों को सौंपेगी।

सरकार ने दी थी सख्त चेतावनी

सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत में काम करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चों को ऑनलाइन हानिकारक सामग्री से बचाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाने वाले प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

Meta को जारी हुआ था कारण बताओ नोटिस

बाल यौन शोषण सामग्री, अश्लीलता और डीपफेक जैसे अवैध कंटेंट से निपटने को लेकर सरकार ने Meta को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके अलावा कंपनी के वैश्विक अधिकारियों को भी भारत बुलाया गया था। सरकार की ओर से हानिकारक सामग्री को तेजी से हटाने, सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया गया था।

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अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी सरकार के रडार पर

सरकार केवल Meta तक सीमित नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अन्य प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के साथ भी बातचीत की जा रही है, ताकि बाल यौन शोषण सामग्री समेत अन्य हानिकारक और अवैध कंटेंट की पहचान कर उसे जल्द हटाया जा सके।

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर बढ़ी सख्ती

सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को भारतीय कानूनों और आईटी नियमों का पालन करने की स्पष्ट चेतावनी दी है। Meta की ओर से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को ऐसे मामलों की रिपोर्ट करने पर सहमति को बच्चों के लिए इंटरनेट को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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