उत्तराखंड से बिहार तक मौसम का रेड अलर्ट: भूस्खलन से केदारनाथ मार्ग बंद, तो कई जिलों में नदियां उफान पर

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। उत्तराखंड से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश तक मानसूनी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रहे भूस्खलन और मैदानी इलाकों में नदियों के उफान ने प्रशासनिक तंत्र की चिंता बढ़ा दी है।

केदारनाथ मार्ग पर चट्टानें खिसकने से यात्रा स्थगित
उत्तराखंड स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा लगातार तीसरे दिन भी बाधित है। पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास लगातार भारी पत्थर और चट्टानें गिरने के कारण सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया है।

सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई: संकट में फंसे लगभग 7,000 श्रद्धालुओं को सुरक्षा बलों के जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और उन्हें सकुशल गौरीकुंड की ओर भेज दिया गया है।

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वर्तमान स्थिति: मार्ग अवरुद्ध होने के कारण अभी भी 500 से अधिक लोग फंसे हुए हैं। हालांकि, तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए आज से केदारनाथ धाम के वास्ते हेलीसेवाएं शुरू कर दी गई हैं, लेकिन पैदल मार्ग अभी भी पूरी तरह बंद है।

बिहार में नदियां उफान पर, 15 जिलों में बाढ़ का प्रभाव
पर्वतीय राज्यों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बिहार के 15 जिलों में बाढ़ और बारिश के कारण लगभग 49.67 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। राज्य की प्रमुख 5 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के 22 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत पांच राज्यों में चेतावनी
मौसम विभाग ने देश के कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश की आशंका जताई है।

उत्तर प्रदेश: राज्य के 72 जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट घोषित किया गया है।

राजस्थान: यहां आगामी 17 सितंबर तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

हिमाचल और अन्य राज्य: हिमाचल प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की बारिश का अनुमान है, जबकि हरियाणा के 8 और पंजाब के 18 जिलों में भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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