उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में आज समाहरणालय के सभागार में जिला पर्यटन संवर्धन परिषद की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के अधिसूचित एवं गैर-अधिसूचित पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, बुनियादी जन-सुविधाओं के विस्तार, पर्यटक सुरक्षा, डिजिटल निबंधन, भटिंडा व मैथन क्षेत्र के एकीकृत विकास पर विस्तृत चर्चा की गई।
भटिंडा फॉल की चट्टानों पर होगी फेंसिंग
बैठक में भटिंडा फॉल में पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फॉल को और सुरक्षित बनाने के लिए फॉल की चट्टानों में भारी लोहे की सिंकड़ या फेंसिंग करने का निर्णय लिया गया। साथ-साथ शौचालय कॉम्प्लेक्स सुलभ कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा भटिंडा फॉल की ओर जाने वाली सड़क का सुदृढ़ीकरण, ऊपरी हिस्से में फेंसिंग तथा वैकल्पिक मार्ग ढूंढने पर मंथन किया गया।
10 युवाओं को मिला लाइफ-सेविंग और पॉवरबोट प्रशिक्षण
खेल एवं पर्यटन पदाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय जल क्रीड़ा संस्थान द्वारा मोराबादी (रांची) में भटिंडा के 10 स्थानीय युवाओं को लाइफ-सेविंग तकनीक एवं पॉवरबोट हैंडलिंग का 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है। साथ ही, स्थल पर सुरक्षित बोटिंग संचालन के लिए आधिकारिक लाइसेंस जारी किए गए हैं और खतरनाक क्षेत्रों, चट्टानों व जलकुंडों के समीप विस्तृत दिशा-निर्देश व आपातकालीन संपर्क बोर्ड लगाए गए हैं।
कई पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का होगा विस्तार
बैठक में तोपचांची झील में पेवर ब्लॉक, ट्री-चबूतरा निर्माण, सिटिंग चेयर मरम्मत व हाई मास्ट लाइट अधिष्ठापन, भटिंडा फॉल में कार पार्किंग/शेड, सोलर लाइट, शौचालय जीर्णोद्धार व साइनेज बोर्ड की स्थापना, वन काली मंदिर (गोविंदपुर), दुखहरणी मंदिर (झरिया), कतरास लिलोरी मंदिर, दलदली आश्रम (कलियासोल), बिरसा मुंडा पार्क (धनबाद), बूढ़ा बाबा शिव मंदिर (बाघमारा), गंगापुर लिलोरी मंदिर, चासनाला कल्यानेश्वरी मंदिर तथा भागुडीह डैम (टुंडी) में यात्री शेड, पेयजल प्लेटफॉर्म, सोलर हाई मास्ट लाइट व पहुंच पथ का सुदृढ़ीकरण के प्रस्ताव को सहमति दी गई।
15 नए स्थलों को डी-श्रेणी में शामिल करने की अनुशंसा
जिले के खंडेश्वरी मंदिर, वामनगोड़ा जलप्रपात, बारबिंदिया बराकर नदी तट, बाबा कपिलेश्वर धाम/पंच पांडेश्वर मंदिर, साईं मंदिर, बाबा बटेश्वर मंदिर, शिव मंदिर व झील, डोमगढ़ घाट-रिवरफ्रंट, ग्राम थान, मड़ईथान, माँ रतौड़ी थान, 108 महादाना ग्राम देवता, बूढ़ा बाबा मंदिर, जियारी थान व खेलाई चंडी पूजा स्थल सहित 15 ऐतिहासिक, प्राकृतिक एवं धार्मिक महत्व के गैर-अधिसूचित स्थलों को ‘डी-श्रेणी’ पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित करने हेतु अनुशंसित किया गया। जबकि तोपचांची झील एवं पंचेत डैम को “बी” से “ए” श्रेणी में, भटिंडा फॉल को “सी” से “बी” में, लिलोरी मंदिर कतरास एवं प्रियदर्शनी पार्क सिंदरी को “डी” से “सी” श्रेणी में स्थानांतरित किया गया। वहीं श्रेणी ‘ए’ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैथन डैम के समेकित एवं योजनाबद्ध विकास के लिए ‘मैथन टूरिज्म डेवलपमेंट अथॉरिटी’ गठित करने, महुदा के ब्रह्म बाबा मंदिर एवं तेलमच्चो शिव मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में उपायुक्त ने जिले के सभी प्रमुख सड़क मार्गों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और पर्यटन स्थलों के प्रवेश द्वारों पर झारखंड पर्यटन विभाग के ब्रांडिंग मानकों के अनुरूप साइन बोर्ड एवं होर्डिंग्स स्थापित कराने, दिसंबर एवं जनवरी महीने में मैथन डैम में विशेष रूप से मोबाइल टॉयलेट्स की व्यवस्था करने, बाबा बटेश्वर मंदिर में ईको टूरिज्म विकसित करने, जियारी थान (प्रधानखंता) में प्रकृति पथ चिह्नित करने का निर्देश दिया। बैठक में सिंदरी के माननीय विधायक चंद्रदेव महतो, जिला परिषद की माननीय अध्यक्ष शारदा सिंह, उपायुक्त आदित्य रंजन, उप विकास आयुक्त सन्नी राज, नगर आयुक्त आशिष गंगवार, माननीय सांसद धनबाद के प्रतिनिधि नितीन भट्ट, माननीय विधायक टुंडी के प्रतिनिधि जगदीश कुमार चौधरी, माननीय विधायक धनबाद के प्रतिनिधि रविन्द्र कुमार सिन्हा, माननीय विधायक झरिया के प्रतिनिधि नवीन कुमार, माननीय विधायक निरसा के प्रतिनिधि सम्राट चौधरी, जिला खेल एवं पर्यटन पदाधिकारी उमेश लोहरा, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी संजय कुमार झा, बिनोद बिहारी महतो स्मारक समिति, भटिंडा के सदस्य सहित अन्य लोग मौजूद थे।

