आदित्य ठाकरे झूठ बोल रहे हैं… दिशा सालियन के पिता ने नेताओं को दी खुली चुनौती, मांगा 500 करोड़ का हर्जाना

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। उन्होंने शिवसेना के कद्दावर नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री व एनसीपी नेता अनिल देशमुख को 500-500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम मानहानि नोटिस थमाया है। इस कदम से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है।

7 दिन का अल्टीमेटम और क्या है मांग?
​बार एंड बेंच की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कानूनी नोटिस में दोनों नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने दिए गए विवादित बयानों को तुरंत वापस लें।सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। मानहानि के हर्जाने के तौर पर 500 करोड़ रुपये चुकाएं। इसके लिए दोनों नेताओं को 7 दिनों का समय दिया गया है।

मोबाइल टॉवर लोकेशन मैच होने पर भी झूठ क्यों?
​सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने दिशा से कभी मिलने या जानने की बात से इंकार किया था। सतीश सालियन ने कड़े शब्दों में पलटवार करते हुए कहा, अगर उन्हें कुछ पता नहीं है, तो उनके मोबाइल टॉवर की लोकेशन कैसे मैच हो रही है? आदित्य ठाकरे इस मामले में झूठ बोल रहे हैं। नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे के कानूनी प्रतिनिधियों की ओर से यह कहा गया था कि सतीश सालियन का इस्तेमाल उन्हें परेशान करने के लिए एक हथियार के रूप में किया जा रहा है। साथ ही इन बयानों को झूठा, बेबुनियाद और गैर-जिम्मेदाराना बताया गया है।

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राजनीति से प्रेरित है मामला: ठाकरे और देशमुख
​दूसरी ओर, जब इस मामले में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख का नाम सामने आया था, तो उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। आदित्य ठाकरे का कहना था कि यह सब उनके चरित्र हनन की एक सोची-समझी और राजनीति से प्रेरित कोशिश है, जो कई सालों से चलाई जा रही है। वहीं, अनिल देशमुख ने इसे आदित्य ठाकरे को बदनाम करने का एक षड्यंत्र बताया था।

क्या है पूरा घटनाक्रम और CBI जांच?
8 जून 2020: 28 वर्षीय दिशा सालियन की मुंबई के मलाड स्थित एक इमारत से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरने से मौत हो गई थी। इसके ठीक छह दिन बाद 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत का भी निधन हो गया था।
पुलिस की जांच: मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच (जून 2020 से फरवरी 2021) और बाद में SIT जांच (दिसंबर 2023 से अप्रैल 2026) में इसे आत्महत्या करार दिया गया था।
बॉम्बे हाईकोर्ट और CBI: पिता सतीश सालियन ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत के आदेश पर सीबीआई ने सितंबर 2026 में इस मामले में नए सिरे से FIR दर्ज की है। हालांकि, जांच एजेंसी ने अभी तक किसी को आधिकारिक तौर पर आरोपी नहीं बनाया है और मामले की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।

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