डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: स्वस्थ और सुपोषित समाज के निर्माण की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। जिला उपायुक्त राजीव रंजन ने समाहरणालय परिसर से विशेष पोषण जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के तहत जिले के दूर-दराज के इलाकों तक सही पोषण और स्वास्थ्य का संदेश पहुंचाने के लिए की गई है।

क्या है इस साल का मुख्य उद्देश्य?
मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत इस समय (9 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक) 9वां राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य समुदाय को जोड़कर कुपोषण की जड़ को खत्म करना है।
इस वर्ष की खास थीम: “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” रखी गई है।
रणनीति: जिला, परियोजना और आंगनबाड़ी स्तर पर विशेष कैंप और गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
इन 5 प्रमुख विषयों पर रहेगा विशेष फोकस
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जागरूकता अभियानों के दौरान इन पांच बिंदुओं पर आम जनता को पूरी जानकारी दी जाए।
आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन: बच्चों और बड़ों के भोजन में पोषण की भरपूर मात्रा।
ताजा भोजन (HCM): आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाले ताजा और पके हुए भोजन की गुणवत्ता।
सामुदायिक सहभागिता: पोषण को सिर्फ सरकारी योजना न मानकर समाज की साझी जिम्मेदारी बनाना।
बाल विकास और प्रारंभिक शिक्षा: बच्चों की शुरुआती उम्र में उनकी देखभाल और सही परवरिश।
मातृ स्वास्थ्य (PMMVY): प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले आर्थिक लाभ और स्वास्थ्य सुरक्षा।
गांव-गांव तक पहुंचेगा संदेश
यह जागरूकता रथ जिले के अलग-अलग गांवों और टोलों का भ्रमण करेगा। इसके जरिए गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अभिभावकों को संतुलित आहार अपनाने और आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग से ही जिले को कुपोषण मुक्त बनाया जा सकता है।

