झारखंड हाईकोर्ट को मिली मजबूती: तीन नए न्यायाधीशों ने संभाला पदभार, अब मामलों के निपटारे में आएगी तेजी

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: झारखंड उच्च न्यायालय की न्याय व्यवस्था को बुधवार को एक और मजबूती मिली। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक ने एक गरिमामयी समारोह में तीन नए न्यायाधीशों—मनोज प्रसाद, अखिल कुमार और राम शर्मा—को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन नए न्यायाधीशों के जुड़ने से अब हाईकोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जिससे राज्य की अदालतों में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और न्याय प्रक्रिया को तीव्र गति मिलने की पूरी उम्मीद है।

कौन हैं नए न्यायाधीश? जानिए उनका सफर
​शपथ लेने वाले तीनों न्यायाधीशों का न्यायिक सेवा और वकालत का लंबा और समृद्ध अनुभव रहा है।
न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद: देवघर में जन्मे मनोज प्रसाद ने वर्ष 1999 में बिहार स्टेट बार काउंसिल से वकालत की शुरुआत की थी। मुख्य रूप से दीवानी (सिविल) मामलों के विशेषज्ञ रहे श्री प्रसाद 4 मई 2012 को झारखंड सुपीरियर जुडिशल सर्विस में आए और गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
न्यायमूर्ति अखिल कुमार: पटना में जन्मे अखिल कुमार ने वर्ष 1999 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी पूरी की। उन्होंने पटना हाईकोर्ट के साथ-साथ जिला न्यायालयों में सिविल और क्रिमिनल दोनों क्षेत्रों में वकालत की। 4 मई 2012 को वे सीधे जिला न्यायाधीश के रूप में न्यायिक सेवा से जुड़े और साहिबगंज के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुके हैं।
न्यायमूर्ति राम शर्मा: दिल्ली में जन्मे राम शर्मा ने 1994 में दिल्ली बार काउंसिल में पंजीकरण के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय और विभिन्न जिला अदालतों में सिविल व क्रिमिनल मामलों की पैरवी की। वे 26 मई 2012 को झारखंड सुपीरियर जुडिशल सर्विस में शामिल हुए और पलामू (डाल्टनगंज) के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

समारोह में रहीं दिग्गज हस्तियां मौजूद
​शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान नव नियुक्त जजों के परिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ-साथ हाईकोर्ट के कई न्याय, प्रशासनिक अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे। केंद्र सरकार के विधि व न्याय मंत्रालय की अधिसूचना और राष्ट्रपति के नियुक्ति वारंट के आधार पर हुए इस शपथ ग्रहण के बाद, विधिक गलियारों में खुशी का माहौल है। जानकारों का मानना है कि तीनों अनुभवी जजों के हाईकोर्ट बेंच में आने से आम जनता को न्याय मिलने की राह और अधिक सुगम होगी।

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