डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको-सेंसिटिव जोन में नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे अवैध क्रशर के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पटमदा अंचल के मौजा धुसरा में पूर्व से बंद पड़े क्रशर को दोबारा शुरू किए जाने की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसे सील कर दिया है। साथ ही मौके से भारी मात्रा में खनिज, वाहन और उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

संयुक्त टीम ने मारा छापा
उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। इस दल में जिला खनन पदाधिकारी, पटमदा के अंचल अधिकारी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के कनीय पर्यावरण अभियंता मो. आफताब आलम, वन विभाग के प्रतिनिधि और पटमदा थाना प्रभारी शामिल थे। टीम ने 29 सितंबर 2026 को मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।
जांच में क्या-क्या मिला?
निरीक्षण के दौरान स्थल पर क्रशर पूरी तरह संचालित अवस्था में पाया गया। जांच दल ने मौके से कई सामान और खनिज जब्त किए। एक टाटा एएसई वाहन (पंजीयन संख्या: JH05AP-1224) जिस पर हरे रंग का जनरेटर लदा हुआ था।एक वेल्डिंग मशीन और दो वेल्डिंग रॉड पॉकेट। दो सब्बल और एक हथौड़ा।लगभग 300 सीएफटी पत्थर बोल्डर और करीब 200 सीएफटी पत्थर चिप्स।
इन नियमों की उड़ रही थीं धज्जियां
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई: झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारी ने बताया कि संचालक सुभाष कुमार शाही के पास ‘कंसेंट टू एस्टेब्लिश’ और ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ जैसे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं थे। यह वायु और जल प्रदूषण अधिनियम का खुला उल्लंघन है।
वन विभाग का शिकंजा: वन विभाग के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि यह इलाका दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको-सेंसिटिव जोन में आता है। यहां किसी भी प्रकार की क्रशिंग गतिविधि पूरी तरह प्रतिबंधित है।
आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध लाइसेंस के खनिज का उत्खनन, भंडारण, परिवहन या बिक्री करना एमएमडीआर एक्ट की धारा 4 का उल्लंघन है और धारा 21 के तहत दंडनीय अपराध है। इसके अलावा, यह मिनरल्स रूल्स के नियमों के भी विरुद्ध है। अवैध संचालन से सरकारी राजस्व को भारी क्षति पहुंच रही थी। इस मामले में आरोपी सुभाष कुमार शाही के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

