समाहरणालय स्थित डीएमएफटी सभागार में आज उप विकास आयुक्त सन्नी राज की अध्यक्षता में माइंस क्लोजर एडवायजरी कमिटी की बैठक हुई। बैठक में बीसीसीएल, ईसीएल एवं सेल के खदान क्षेत्रों में खनन कार्य समाप्त होने के बाद प्रभावित गांवों में सामुदायिक विकास और स्थानीय नागरिकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर चर्चा की गई।
माइंस-पंचायत मैपिंग पर जोर
उप विकास आयुक्त ने बीसीसीएल के बरोरा, ब्लॉक-2, गोविंदपुर, सिजुआ, कतरास, कुसुंडा, पुटकी बलिहारी, पश्चिमी झरिया, पूर्वी झरिया सहित ईसीएल मुगमा और सेल माइंस के 5 किलोमीटर दायरे में आने वाली पंचायतों की सटीक मैपिंग कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का चयन और स्वीकृति ग्राम सभा के माध्यम से ही की जाए।
निर्माण कार्य से पहले होगी जांच
बैठक में किसी भी सिविल निर्माण कार्य से पहले विस्तृत चेकलिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया। सरकारी भूमि पर प्रस्तावित कार्यों के लिए संबंधित अंचल अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य किया गया।
कोलियरी क्षेत्रों ने रखे विकास प्रस्ताव
बरोरा एरिया ने सोलर लाइटिंग और सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार, ब्लॉक-2 ने तालाब घाटों के जीर्णोद्धार व सोलर लाइट, गोविंदपुर ने बैथिंग घाट और सोलर लाइट, सिजुआ ने क्रिकेट पिच, तालाब सफाई व सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव रखे। कतरास ने योगा सेंटर व पंचायत भवन सभागार, कुसुंडा ने मुक्तिधाम, तालाब व चेक डैम, पुटकी बलिहारी ने ओपन जिम तथा पूर्वी झरिया ने तालाब जीर्णोद्धार, पौधारोपण और कप-प्लेट निर्माण मशीन की स्थापना का प्रस्ताव दिया।
अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, जिला खनन पदाधिकारी रितेश राज तिग्गा, बीसीसीएल के महाप्रबंधक पर्यावरण राजन कुमार, उप प्रबंधक पर्यावरण चिराग चोपड़ा, डीएमएफटी टीम लीडर शैलेश तिवारी, बीसीसीएल के सभी 12 क्षेत्रों के प्रोजेक्ट ऑफिसर, ईसीएल एवं सेल के पदाधिकारी तथा प्रभावित पंचायतों के मुखिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

