डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परिसर इन दिनों कड़े अनुशासन और छात्रों के आक्रोश के बीच सुलग रहा है। हाल ही में दो जूनियर डॉक्टरों की डूबने से हुई दर्दनाक मौत के बाद प्रबंधन द्वारा सुरक्षा और एंटी-रैगिंग नियमों को लेकर उठाए गए सख्त कदम अब कॉलेज के भीतर बड़े तनाव का कारण बन गए हैं।
नए नियम और छात्रों का विरोध
रात्रि प्रतिबंध और तालेबंदी: हालिया घटनाओं से सबक लेते हुए छात्रावास समिति ने बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए रात 8 बजे के बाद अनावश्यक रूप से बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही रात 10 बजे कॉलेज का मुख्य गेट पूरी तरह बंद करने का निर्देश है, जिसे केवल विशेष परिस्थितियों और वार्डन की अनुमति से ही खोला जा सकता है।
छात्रों में असंतोष और हंगामा: हॉस्टल के इन कड़े नियमों से मेडिकल छात्र-छात्राएं बुरी तरह नाखुश हैं। देर रात जब कुछ सीनियर छात्रों ने नियमों की अनदेखी कर हॉस्टल से बाहर निकलने की कोशिश की और वहां तैनात होमगार्ड के जवानों ने उन्हें रोका, तो स्थिति बिगड़ गई। छात्रों ने विरोध जताते हुए जमकर हंगामा किया और होमगार्ड के जवानों को खदेड़ने की कोशिश की।
पुलिस हस्तक्षेप और स्थिति नियंत्रण: विवाद बढ़ने पर होमगार्ड के जवानों ने एमजीएम थाने को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस के कैंपस में आने से कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति और बढ़ गई, क्योंकि छात्रों का विरोध पुलिस की मौजूदगी पर भी था। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद छात्र शांत हुए और अपने-अपने कमरों में लौट गए।
रैगिंग की पृष्ठभूमि और आज होने वाली बैठक
जूनियरों के साथ मारपीट और जांच: इस पूरे हंगामे की पृष्ठभूमि में रैगिंग का गंभीर मामला जुड़ा है। पिछले दिनो 2024 और 2025 बैच के 10 से 12 सीनियर छात्रों द्वारा एमबीबीएस के 2026 बैच के छात्रों के साथ रैगिंग किए जाने की बात सामने आई है। एंटी-रैगिंग कमेटी पिछले दो दिनों से सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के साथ-साथ सीनियर और जूनियर छात्रों से पूछताछ कर रही है।
अभिभावकों के साथ उच्च स्तरीय बैठक आज: रैगिंग के इस गंभीर मामले में आज आरोपी सीनियर छात्रों के अभिभावकों को कॉलेज प्रबंधन ने बातचीत के लिए बुलाया है। इस अहम बैठक के बाद आरोपित छात्रों के खिलाफ कड़े अनुशासनात्मक और कानूनी कदम उठाए जाने तय हैं।

