पिपरादामर जंगल में हाथी की रहस्यमयी मौत, शव मिलते ही मचा हड़कंप

Reena Sharma
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गढ़वा। रंका थाना क्षेत्र के विश्रामपुर पंचायत स्थित पिपरादामर जंगल में सोमवार सुबह एक जंगली हाथी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हाथी की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

घटनास्थल पर पहुंची वन विभाग की टीम

गढ़वा जिला वन पदाधिकारी ईबिन बेनी इब्राहिम ने बताया कि सुबह करीब 8 बजे हाथी की मौत की सूचना मिली। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास की जानकारी जुटाई।

पहले भी हो चुकी है हाथियों की मौत

ग्रामीणों के अनुसार विश्रामपुर पंचायत में पहले भी हाथियों की मौत हो चुकी है। करीब चार-पांच वर्ष पूर्व नया टोला में करंट की चपेट में आने से हाथियों की मौत हुई थी। भंवरी क्षेत्र में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

बढ़ता जा रहा हाथी-मानव संघर्ष

रंका और आसपास के जंगलों में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। हाथियों के गांव और खेतों में पहुंचने से फसलों को नुकसान होता है, जबकि उन्हें भगाने के दौरान ग्रामीणों की जान भी खतरे में पड़ती है।

पुराने कॉरिडोर पर बढ़ा मानवीय दबाव

ग्रामीणों के अनुसार हाथियों के पुराने आवागमन मार्ग के आसपास समय के साथ बस्तियां और कृषि भूमि विकसित हो गई हैं। इससे हाथियों के पारंपरिक रास्तों में मानवीय गतिविधियां बढ़ीं और संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ने लगीं।

संरक्षण के लिए ठोस पहल की मांग

ग्रामीणों ने हाथियों के पारंपरिक कॉरिडोर को सुरक्षित करने, बिजली के तारों की नियमित जांच और निगरानी बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि हाथियों के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए भी स्थायी योजना जरूरी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल वन विभाग की जांच जारी है। पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा कि हाथी की मौत प्राकृतिक, बीमारी या किसी अन्य कारण से हुई। घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।

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