IAF New Chief: कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित? जो संभालने जा रहे हैं देश की 29वें वायुसेना प्रमुख की कमान

Manju
By Manju
3 Min Read

डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया :भारतीय वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को देश का 29वां वायुसेना प्रमुख नियुक्त किया है। वे आगामी 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर को एयर चीफ मार्शल के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, उसी दिन अपने पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

अनुभवी और शानदार करियर
​मौजूदा समय में वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल रहे एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का सैन्य सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनका जन्म 9 दिसंबर 1966 को हुआ था और 6 दिसंबर 1986 को उन्हें भारतीय वायुसेना की लड़ाकू विमान धारा में कमीशन मिला था। अपने चार दशकों के लंबे और शानदार करियर में उन्होंने चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ और सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ जैसे अहम पदों पर कार्य किया है। वे नेशनल डिफेंस अकादमी, बांग्लादेश के डिफेंस स्टाफ सर्विसेज कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र रह चुके हैं। एक कुशल पायलट के तौर पर उनके पास मिराज-2000, विभिन्न प्रकार के मिग विमानों, किरण, जगुआर, आईएल-78, हॉक और स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ समेत विभिन्न विमानों को उड़ाने का 3,500 घंटे से अधिक का विशाल अनुभव है। वे एक एक्सपेरिमेंटर टेस्ट पायलट और क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं।

प्रमुख अभियानों में भागीदारी और वीरता सम्मान
​अपने करियर के दौरान एयर मार्शल दीक्षित ने ‘ऑपरेशन सेफ सागर’, ‘ऑपरेशन रक्षक’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे कई महत्वपूर्ण अभियानों और सैन्य अभ्यासों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र में एक फ्रंटलाइन फाइटर एयरबेस और दक्षिणी क्षेत्र में प्रमुख फाइटर ट्रेनिंग बेस की कमान भी संभाली है।
​उनकी असाधारण और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा चुका है।
​वर्ष 2006 में वायु सेना मेडल
​वर्ष 2011 में विशिष्ट सेवा मेडल
​वर्ष 2023 में अति विशिष्ट सेवा मेडल
​वर्ष 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल

‘मेक इन इंडिया’ और वायुसेना की बढ़ती ताकत
​विशेषज्ञों का मानना है कि एयर मार्शल दीक्षित जैसे अनुभवी और स्वदेशी विमानों (जैसे तेजस) का गहरा अनुभव रखने वाले नेतृत्व से ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और अधिक मजबूती मिलेगी। मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए, एक अनुभवी कमांडर के हाथों में कमान आने से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता और रणनीतिक तैयारी को और अधिक धार मिलेगी।

Share This Article