डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: भारतीय शेयर बाजार में आज 8 अक्टूबर भारी बिकवाली का माहौल देखने को मिल रहा है, जिसके चलते बाजार लगातार नौवें हफ्ते भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स करीब 1,100 अंकों की भारी गिरावट के साथ 71,450 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी भी करीब 400 अंक लुढ़ककर 22,200 के स्तर पर आ गया है। मेटल, ऑटो और रियल्टी शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई है।
बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे के 5 प्रमुख कारण
RBI का ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत: लगभग 4 साल में पहली बार दरों में बढ़ोतरी के साथ आरबीआई ने अपना रुख ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है, जिससे आने वाले महीनों में ब्याज दरें 1% तक बढ़ सकती हैं।
बोंड यील्ड में ऐतिहासिक उछाल: ग्लोबल मार्केट में बॉन्ड सेल-ऑफ तेज होने से अमेरिका की 30-साल वाली बॉन्ड यील्ड 5.71% और 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.3% के पार पहुंच गई है, जिससे निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर डेट मार्केट की ओर रुख कर रहे हैं।
कच्चे तेल में उबाल: मिड ईस्ट में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर बढ़ते हमलों के कारण ब्रेंट क्रूड 2% चढ़कर 102 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है, और क्रूड इन्वेंट्री में 3.2 मिलियन बैरल की कमी आई है।
विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली: विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजारों से पैसे निकाल रहे हैं, बुधवार को FIIs ने 6,121 करोड़ रुपये के शेयर बेचे और बीते 9 सत्रों में वे करीब 57,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं।
टेक्निकल सपोर्ट टूटने से बढ़ी घबराहट: ट्रेडिंग के दौरान निफ्टी ने अपने प्रमुख सपोर्ट लेवल्स को तोड़ दिया है, जिससे एक्सिस डायरेक्ट के विश्लेषकों के अनुसार अब इसके 22,300 और फिर 52-सप्ताह के निचले स्तर 22,180 तक फिसलने की आशंका बन गई है।
आईपीओ लिस्टिंग और वैश्विक बाजारों का हाल
विशाल निर्मिति: इसका इश्यू प्राइस 220 रुपये था, जो एनएसई और बीएसई दोनों पर 2.27% के डिस्काउंट के साथ 215 रुपये पर लिस्ट हुआ।
नित्यास जेम्स एंड ज्वैलरी: इसका इश्यू प्राइस 75 रुपये था, जो एनएसई पर 6.67% ऊपर 80 रुपये और बीएसई पर 9.33% प्रीमियम के साथ 82 रुपये पर लिस्ट हुआ।
एशियाई और अमेरिकी बाजार: एशियाई बाजारों में आज दक्षिण कोरिया का कोस्पी (-2.62%), जापान का निक्केई (-1.42%) और हांगकांग का हैंगसेंग (-1.43%) लाल निशान पर बंद हुए। इससे पहले 7 अक्टूबर को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसमें डाउ जॉन्स (-0.66%) और नैस्डैक (-0.22%) शामिल थे।

