डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर :शहर के परसुडीह थाना अंतर्गत प्रमथनगर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान आतिशबाजी को लेकर उपजा मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के विरोध में आक्रोशित पूजा कमेटी के सदस्यों और समर्थकों ने परसुडीह थाने के मुख्य गेट पर ही दुर्गा प्रतिमा रखकर जमकर हंगामा किया और सड़क पर उतर आए।
करनडीह मुख्य मार्ग पर डेढ़ घंटे तक थमी रफ्तार
प्रदर्शनकारियों द्वारा थाने के सामने प्रतिमा रखकर किए गए चक्का जाम के कारण व्यस्त करनडीह मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई, जिससे आवागमन करने वाले आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस दौरान स्थिति को संभालने पहुंची पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। प्रदर्शनकारी मारपीट की घटना में शामिल आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे।
घायल के सिर पर आए तीन टांके, मानिक मल्लिक और उनके बेटे पर आरोप
इस संघर्ष में हलुदबनी चित्तरंजन लेन के रहने वाले 52 वर्षीय नरेन नंदी के सिर पर गंभीर चोट आई है। पीड़ित ने परसुडीह थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि विवाद के दौरान हुई मारपीट में उनके सिर पर वार किया गया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा और सिर पर तीन टांके लगे हैं। वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दूसरे पक्ष से मानिक मल्लिक और उनके बेटे इस मारपीट की घटना में शामिल थे, जिनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने के बाहर प्रदर्शन किया गया।
पूर्व जिला परिषद सदस्य को हिरासत में लेना पड़ा भारी
हंगामे के दौरान जब शिकायत दर्ज कराने पहुंचे पूर्व जिला परिषद सदस्य सुदीप्त डे राणा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, तो मामला और गरमा गया। इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं ने कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ा। इस घटनाक्रम के चलते इलाके में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
पुलिस की कार्रवाई जारी
परसुडीह थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है तथा स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

