त्योहार के ठीक पहले महंगाई का डबल डोज: कर्नाटक में दूध के दाम सीधे 8 रुपये बढ़े, आम जनता परेशान

Manju
By Manju
2 Min Read

डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : दीवाली से ठीक पहले आम उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक सरकार ने सहकारी ब्रांड ‘नंदिनी’ के दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें 1 नवंबर से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएंगी। कीमतों में इस ताबड़तोड़ बढ़ोतरी के बाद अब आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

कितने बढ़ गए दाम?
​टोंड मिल्क (नीला पैकेट): जो दूध अभी तक ₹46 प्रति लीटर में मिल रहा था, वह अब ₹54 प्रति लीटर मिलेगा।
​किसानों को फायदा: इस 8 रुपये की बढ़ोतरी में से ₹7 प्रति लीटर सीधे दूध उत्पादक किसानों को दिए जाएंगे, जबकि ₹1 प्रति लीटर मिल्क कोऑपरेटिव के पास जाएगा। इसके चलते अब किसानों को सरकारी प्रोत्साहन (इंसेंटिव) मिलाकर कुल ₹47 प्रति लीटर तक का लाभ मिलेगा।

किसानों के प्रदर्शन और लागत का दबाव बना वजह
​राज्य के मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने स्पष्ट किया कि किसानों की बढ़ती लागत और उनके लगातार चल रहे प्रदर्शनों को देखते हुए यह फैसला लेना अनिवार्य हो गया था। किसान संगठन सड़क पर उतरकर दूध के दाम में कम से कम 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। हालांकि, मंत्रिमंडल के साथ कई दौर की बैठकों के बाद सर्वसम्मति से इसे 8 रुपये तय किया गया।

पिछले कुछ सालों में कैसे बढ़े हैं दाम?
​कर्नाटक में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगातार दूध की कीमतों में उछाल आया है।
​साल 2022: ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
​साल 2023: ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
​साल 2024: ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
​साल 2025: ₹4 प्रति लीटर की बढ़ोतरी
​साल 2026 (आज): ₹8 प्रति लीटर की रिकॉर्ड बढ़ोतरी
​विधान परिषद चुनावों और आचार संहिता के कारण इस प्रस्ताव की घोषणा में देरी हुई थी, लेकिन अब पाबंदियां हटने के बाद सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है।

Share This Article