​अब छिपकर नहीं, खुलकर जी सकेंगे मिर्गी पीड़ित! जिला प्रशासन की इस पहल ने बदल दी मरीजों की जिंदगी

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की संवेदनशीलता एक बार फिर मिर्गी से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। जिले में इस बीमारी से पीड़ित लोगों को बेहतर इलाज, समय पर दवा और लगातार मॉनिटरिंग की सुविधा देने के वास्ते चल रहे विशेष अभियान के तहत अनुमंडल अस्पताल, घाटशिला में एक भव्य जांच व फॉलोअप शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुल 197 पुराने मरीजों के स्वास्थ्य की दोबारा जांच की, जबकि 43 नए मरीजों ने पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लिया।

​’गुड गवर्नेंस’ का अनूठा उदाहरण, अपर सचिव ने की सीधी बात

​इस विशेष प्रशासनिक और स्वास्थ्य पहल की प्रभावशीलता को देखने के लिए भारत सरकार के अपर सचिव राहुल शर्मा विशेष तौर पर घाटशिला शिविर में पहुंचे। उन्होंने अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों से आमने-सामने बातचीत की।

​अपर सचिव ने मरीजों से पूछा कि उन्हें दवाइयां समय पर मिल रही हैं या नहीं और इस अभियान से उनके जीवन में क्या बदलाव आया है। मरीजों ने खुलकर बताया कि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें बिल्कुल मुफ्त दवाएं दी जा रही हैं और हर महीने लगने वाले इन फॉलोअप शिविरों से उन्हें बीमारी को काबू में रखने में बहुत आसानी हो रही है।

​प्रशासन का संकल्प: कोई मरीज न छूटे

​पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने इस अनूठी पहल के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जिला प्रशासन मिर्गी पीड़ितों को एक बेहतर और सामान्य जीवन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस योजना का मुख्य मकसद समय पर बीमारी की पहचान करना, सही डॉक्टर से सलाह दिलाना, घर-घर तक दवा पहुंचाना और नियमित रूप से फॉलोअप करना है। लगातार निगरानी रखने से मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा जा रहा है।

​शिविर के दौरान सिविल सर्जन डॉ. साहिर पॉल, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी समेत कई स्वास्थ्यकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मुस्तैद नजर आए, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

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