डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया : आरआईटी थाना क्षेत्र के गायत्री शिक्षा निकेतन परिसर में सोमवार की रात पारिवारिक संपत्ति का विवाद खून-खराबे में बदल गया। स्कूल के संचालक सत्यप्रकाश सुधांशु ने अपने छोटे भाई और जाने-माने चिकित्सक डॉ. ओपी आनंद पर सर्विस रिवॉल्वर से ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। पीठ में गोली लगने से डॉक्टर की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज फिलहाल टाटा मुख्य अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद से आरोपी बड़ा भाई फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
बीच-बचाव करने पर मारी गोली
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना सोमवार देर रात की है। जिम से लौटने के बाद डॉ. आनंद अपने आवास पर पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनका बड़े भाई सत्यप्रकाश के साथ तीखा विवाद शुरू हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने डॉक्टर की पत्नी सरिता आनंद पर पिस्तौल तान दी। पत्नी की जान बचाने के लिए जब डॉ. आनंद बीच-बचाव करने आगे आए, तो सत्यप्रकाश ने उन पर गोली चला दी। एक गोली सीधे उनकी पीठ में जा धंसी, जबकि दूसरी गोली छूकर निकल गई। इस सनसनीखेज वारदात के समय डॉक्टर की बेटी आम्या भी वहीं मौजूद थी। परिवारवालों और ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत दरवाजा बंद कर किसी तरह डॉक्टर की जान बचाई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
संपत्ति और अस्पताल घाटे का तनाव
स्थानीय लोगों के मुताबिक पिता के निधन के बाद से ही दोनों भाइयों के बीच पैतृक संपत्ति और स्कूल के मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। उसी इमारत के भूतल पर डॉ. आनंद और ऊपरी मंजिल पर सत्यप्रकाश का परिवार रहता है। पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों में तनाव और गहरा गया था, और आठ दिन पहले भी उनके बीच मारपीट की खबर सामने आई थी। इसके अलावा, कोरोना काल के बाद से डॉ. आनंद का अस्पताल घाटे में चल रहा था, जिसके चलते वे मानसिक तनाव से भी जूझ रहे थे।
बन्ना गुप्ता विवाद से आए थे चर्चा में
घायल डॉ. ओपी आनंद जमशेदपुर और आदित्यपुर के प्रतिष्ठित डॉक्टरों में गिने जाते हैं और वे जमशेदपुर पश्चिम सीट से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। मई 2021 में कोरोना महामारी के दौरान वे देश भर में तब सुर्खियों में आए थे, जब अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उनका तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के साथ विवाद हो गया था। उस दौरान मंत्री के खिलाफ तीखी टिप्पणी करने के मामले में महामारी एक्ट और सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं के तहत उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी, और बाद में उन्हें झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।
फिलहाल, आरआईटी थाना पुलिस ने मौके से अहम साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और वारदात में इस्तेमाल हथियार की फोरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

