बाघमारा। बीसीसीएल ब्लॉक टू क्षेत्र की एबीओसीपी माइन स्थित आरआर डम्पर वर्कशॉप में बुधवार को श्रमिकों का आक्रोश फूट पड़ा। जनता मजदूर संघ के बैनर तले कर्मियों ने विभिन्न समस्याओं और प्रबंधन की कथित मनमानी के विरोध में वर्कशॉप का गेट जाम कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। श्रमिकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
65 कर्मियों को संडे और हॉलिडे ड्यूटी से वंचित रखने का आरोप
एबीओसीपी के पीओ को सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्रीय सलाहकार समिति के फैसले के बावजूद वर्कशॉप के 65 कर्मियों को रविवार और अवकाश के दिन ड्यूटी से वंचित रखा जा रहा है। वहीं, प्रभारी अपनी मर्जी से कुछ चुनिंदा कर्मियों को ही इसका लाभ दे रहे हैं। मेंटेनेंस कार्य में लगे डम्पर ऑपरेटरों की संडे और हॉलिडे ड्यूटी में भी समानता लागू करने की मांग उठाई गई है।
मैनपावर की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव
श्रमिकों का आक्रोश सिर्फ ड्यूटी में भेदभाव तक सीमित नहीं है। ऑटो सेक्शन में मैनपावर की कमी, एक्वागार्ड खराब होने से पेयजल संकट और महिला एवं पुरुष शौचालयों की बदहाल स्थिति ने भी उनकी परेशानी बढ़ा रखी है। संघ ने इन सभी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की है।
कुशल श्रमिकों के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार : गोपाल मिश्रा
धरने पर बैठे जनता मजदूर संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह बीसीसीएल केंद्रीय सलाहकार समिति के सदस्य गोपाल मिश्रा ने प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ब्लॉक टू क्षेत्र की रीढ़ माने जाने वाले कुशल श्रमिकों के साथ ही सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
वर्कशॉप में पीने का पानी, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। रविवार की ड्यूटी में भी चहेतों को तरजीह देकर बाकी कर्मियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
ठोस कार्रवाई होने तक जारी रहेगा धरना
गोपाल मिश्रा ने कहा कि जीएम और पीओ स्तर पर कई बार बातचीत हुई, लेकिन आश्वासनों के बावजूद समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। आखिरकार श्रमिकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। जब तक सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई और समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरने में अकलेश नोनियां, अमृत साव, राजू रंजन सिंह, महावीर महतो, संतोष कुमार सिंह, कृष्णा चौहान, जगन्नाथ महतो, मनोज पासवान, बैजनाथ महतो, विजय प्रसाद, बृंदा पांडेय, ब्रजेश पांडेय, रंजीत नोनिया, सिराज आलम, इंद्रासन यादव, कांति दास, अशरफ अंसारी, विजय चौहान, भरतलाल राय और संतोष सिंह समेत अन्य श्रमिक मौजूद थे।

