जमशेदपुर। बिस्टुपुर स्थित डॉ श्रीकृष्ण सिन्हा संस्थान के सभागार में जन-जन की प्रिय पुस्तक, इनसे हैं हम का विमोचन मुख्य अतिथि अरका जैन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अंगद तिवारी एवं उपस्थित पदाधिकारियों/अतिथियों के द्वारा किया गया । स्वागत भाषण में संस्था के संरक्षक एवं इस पुस्तक के प्रेरणा स्रोत राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि इनसे हैं हम पुस्तक में भारत के विभिन्न प्रांतों के 51 प्रतिनिधि लेखकों ने राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान देने वाले 51 महान विभूतियों पर लिखा है। पुस्तक में अनेक प्रांतों के महापुरुषों एवं क्रांतिकारियों पर लिखा गया है। यह पुस्तक अपने आप में अद्वितीय है। मुख्य अतिथि डॉ. अंगद तिवारी ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि सबसे पहले मैं इस पुस्तक के संपादक एवं सभी लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं । हमारे समाज में दो तरह के लोग रहते है एक जो अपने लिए व अपने परिवार के लिए जीते हैं। लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जो अपनों के साथ साथ समाज खासकर भविष्य को देखते हुए अपने देश के लिए जीते हैं। इस पुस्तक में उन तमाम देशभक्तों, वीरांगनाओं का चित्रण बड़ा ही प्रेरणादायक है। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, महारानी अहिल्याबाई, बंकिम चंद्र चटर्जी, महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह, मंगल पांडे, श्यामा प्रसाद मुखर्जी कितने देशभक्त है जिसे समाज ने या तो उन्हें कम करके दिखाया या बहुत लोग ऐसे हैं जो इन सबको भुलाने की कोशिश किये लेकिन इस पुस्तक में लेखकों ने जो अपने प्रयास से उन तमाम लोगों को जिसने देश व समाज के लिए अपनी कुर्बानिया दी है, उन सभी को इस पुस्तक स्थान दिया गया है । पुस्तक में 51 ऐसे वीरों का वर्णन है जिसे हम कभी भी भुला नहीं सकते क्योंकि उनके सहयोग से ही देश को आगे बढ़ाने में एवं आजाद कराने में सफलता मिली है। कहा कि हम चाहेंगे इस पुस्तक को अधिक से अधिक लोग पढ़े और उन बच्चों तक पहुंचाए जिन्हें इन महापुरुषों को कभी पढ़ने का मौका नही मिला उन्हें दे और पढ़ाएं । इसके पूर्व संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने कहा कि जिस प्रकार भगत सिंह ने सेंट्रल असेंबली में बम धमाका कर पूरे देश को जगाने का काम किया था उसी प्रकार यह पुस्तक इनसे हैं हम विचारों का धमाका कर पूरे देशवासियों को जगाने का काम करेगी । कहा कि यह पुस्तक पूरे देश के साथ-साथ विदेशों में भी लोकप्रिय होती जा रही है । विदेशों में सिंगापुर , युगांडा, पोलैंड एवं संयुक्त राज्य अमेरिका से भी पुस्तक की मांग मिली है । कहा कि इस पुस्तक की एक विशेषता और भी है कि इसमें दो तिहाई भागीदारी महिलाओं की है और पूर्वोत्तर के कई लेखकों ने भी अपनी रचनाएं इसमें दी है । इस प्रकार यह पुस्तक सम्पूर्ण देश के लिए शुभ संकेत है । समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध नदी एवं पर्यावरण विशेषज्ञ दिनेश कुमार मिश्र ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह पुस्तक आज के संदर्भ में बहुत मायने रखती है । इस प्रकार की पुस्तकों से देशवासियों को जगाने का काम हो सकेगा। आज आवश्यकता है कि ऐसी पुस्तकें आए जिनसे भावी पीढ़ी एवं वर्तमान की पीढ़ी भी अपने पूर्व के महापुरुषों एवं क्रांतिकारियों को ठीक प्रकार से जान सके । कार्यक्रम का संचालन संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म चंद्र पोद्दार ने किया । धन्यवाद ज्ञापन संस्था के विशेष सलाहकार श्री प्रकाश मेहता ने किया । इस विमोचन कार्यक्रम में शहर के गणमान्य व्यक्तियों सहित शहर के अनेक साहित्यकार बंधु उपस्थित थे जिनमें प्रमुख रूप से श्री पोद्दार के अलावे राजेंद्र कुमार अग्रवाल, डॉ अंगद तिवारी, दिनेश कुमार मिश्र, प्रकाश मेहता, सबिता ठाकुर दीप, पूनम मेहता, सुजाता सिंह, अजीत सिंह, बसंत कुमार सिंह, इंद्रदेव प्रसाद, बसंत कुमार सिंह , रामचंद्र राव, संतोष गनेड़ीवाला , प्रमोद खीरवाल , प्रतिभा प्रसाद , विजय नारायण सिंह, नीलिमा पांडेय, सनत कुमार आदि के नाम सम्मिलित हैं ।

