डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: देश की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनियों में शुमार टाटा पावर ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने शानदार नतीजों की घोषणा कर दी है। हालांकि चौथी तिमाही में मुनाफे में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन अगर पूरे साल की बात करें तो कंपनी ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड कायम किया है।
निवेशकों की लगी लॉटरी: ₹2.5 प्रति शेयर डिविडेंड
कंपनी के दमदार वार्षिक प्रदर्शन से खुश होकर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपने शेयरधारकों के लिए 2.5 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के लाभांश की सिफारिश की है। यह निवेशकों के लिए दोहरी खुशी की बात है, क्योंकि कंपनी के शेयर पहले से ही चर्चा में बने हुए हैं।
सालाना प्रदर्शन: इतिहास का सबसे बड़ा मुनाफा
टाटा पावर ने इस साल मुनाफे के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
कुल वार्षिक शुद्ध लाभ: ₹5,118 करोड़ (7% की शानदार बढ़त)
कुल वार्षिक आय: ₹63,681 करोड़
चौथी तिमाही (Q4) का हाल: मार्च तिमाही में मुनाफा ₹996 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी दौरान 1,043 करोड़ था। यह मामूली गिरावट मुख्य रूप से परिचालन खर्चों के कारण रही।
सोलर एनर्जी पर मेगा दांव 6,500 करोड़ का निवेश
टाटा पावर अब सिर्फ बिजली बनाने वाली कंपनी नहीं रही, बल्कि वह क्लीन एनर्जी जायंट बनने की राह पर है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने बड़े फैसले लिए हैं।
मैन्युफैक्चरिंग विस्तार: बोर्ड ने सोलर सेल और मॉड्यूल उत्पादन के लिए 6,500 करोड़ के भारी निवेश को हरी झंडी दे दी है।
रिन्यूएबल पोर्टफोलियो: कंपनी की सौर और पवन ऊर्जा क्षमता अब 11.6 गीगावाट के स्तर को छू चुकी है।
रूफटॉप सोलर: घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के कारोबार में 150% की धमाकेदार ग्रोथ दर्ज की गई है।
ओडिशा और दिल्ली-मुंबई में शानदार काम
कंपनी के सीईओ और एमडी प्रवीर सिन्हा के मुताबिक बिजली वितरण के क्षेत्र में टाटा पावर का दबदबा बढ़ा है। खासकर ओडिशा डिस्काम के मुनाफे में 84% की भारी उछाल आई है। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि कंपनी का अगला लक्ष्य दिल्ली, मुंबई और ओडिशा जैसे बड़े केंद्रों के बिजली वितरण नेटवर्क को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाना है।

