पलामू। जिले में अवैध खनन, बालू के अवैध परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई, जिसमें अवैध खनन के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। बैठक में उपायुक्त ने साफ कर दिया कि जिले में अवैध खनन और परिवहन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जुलाई में खनन विभाग ने 44 वाहन पकड़े, ₹34.85 लाख जुर्माना
जिला खनन पदाधिकारी सुनील कुमार ने बैठक में कार्रवाई का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। रिपोर्ट के अनुसार जुलाई माह में खनन विभाग ने अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त 44 वाहनों को जब्त किया। इन मामलों में 34 लाख 85 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
वहीं, जिला परिवहन विभाग ने भी कार्रवाई करते हुए 52 वाहन जब्त किए और 10 लाख 18 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। यानी खनन और परिवहन विभाग की कार्रवाई में कुल 96 वाहन जब्त किए गए तथा 45 लाख 3 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
अंचलों की कार्रवाई पर भी कड़ा रुख
बैठक में विभिन्न अंचलों की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कुल 36 वाहनों की जब्ती की जानकारी सामने आई। हरिहरगंज और हुसैनाबाद अंचल ने सर्वाधिक 5-5 वाहन जब्त किए।
वहीं, पिछले तीन महीनों में उंटारी रोड अंचल से कोई कार्रवाई नहीं होने पर उपायुक्त ने गंभीर नाराजगी जताते हुए संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अवैध बालू के रास्ते होंगे बंद, ट्रेंच कटिंग का निर्देश
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध बालू परिवहन के संभावित रास्तों को चिह्नित कर वहां जरूरत के अनुसार ट्रेंच कटिंग कराई जाए, ताकि अवैध वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।
उन्होंने पुलिस, परिवहन और खनन विभाग को संयुक्त रूप से सघन एवं लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। प्रमुख मार्गों और चेकपोस्टों पर वाहनों की नियमित जांच के साथ-साथ खनन क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी करने को कहा गया।
सूचना तंत्र मजबूत करने का आदेश
उपायुक्त ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ, सीओ और थाना प्रभारियों को आपसी समन्वय मजबूत करने तथा अवैध खनन से जुड़ी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी, मजबूत सूचना तंत्र और सख्त कार्रवाई के जरिए ही अवैध खनन एवं परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकता है।
बैठक में सदर एसडीएम, सहायक समाहर्ता, विभिन्न एसडीपीओ, थाना प्रभारी समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

