धनबाद: बाघमारा अनुमंडल के सोनारडीह ओपी क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बंद पड़ी खदान में छापेमारी कर करीब 5 हाइवा अवैध कोयला जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके के कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, बीसीसीएल एरिया-3 के अंतर्गत बाहयरडीह स्थित बंद खदान में बीसीसीएल सुरक्षा बल, सीआईएसएफ और सोनारडीह थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में अवैध रूप से निकाला गया कोयला बरामद किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जोरिया बंद कर चल रहा था अवैध कारोबार
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बाहयरडीह खदान क्षेत्र में लंबे समय से संगठित गिरोह द्वारा अवैध कोयला खनन किया जा रहा था। माफियाओं ने अपने कारोबार को सुचारू रूप से चलाने के लिए गांव की ओर जाने वाले प्राकृतिक जल निकासी मार्ग (जोरिया) को भी बंद कर दिया था। खदान क्षेत्र में सैकड़ों अवैध मुहानों के जरिए प्रतिदिन बड़े पैमाने पर कोयला निकाला जा रहा था।
राम मंदिर और बस्ती तक पहुंच गईं अवैध सुरंगें
ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन के दौरान बनाई गई सुरंगें रिहायशी इलाके और प्रसिद्ध राम मंदिर क्षेत्र के आसपास तक पहुंच चुकी हैं। इससे हजारों लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। लोगों को आशंका है कि कभी भी भू-धंसान जैसी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
महिलाओं ने खोला मोर्चा, तब हरकत में आया प्रशासन
कुछ दिन पहले स्थानीय महिलाओं ने अवैध खनन और कोयला तस्करी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था। महिलाओं ने अवैध कोयले के परिवहन और माफियाओं की गतिविधियों को सार्वजनिक रूप से उजागर किया था। इसके बाद किसी बड़े हादसे या टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन सक्रिय हुआ और संयुक्त अभियान चलाया गया।
अब लोगों की नजर अगली कार्रवाई पर
भारी मात्रा में कोयला जब्त होने के बाद फिलहाल इलाके में सन्नाटा है, लेकिन स्थानीय लोगों के मन में सवाल बना हुआ है कि क्या यह कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित रहेगी या फिर अवैध खनन के पूरे नेटवर्क पर स्थायी रोक लगाई जाएगी।

