August 18, 2022

Mirrormedia

Jharkhand no.1 hindi news provider

7 प्रखंडों के बीपीएम व बीएएम की एक दिन की सैलरी पर रोक, डीपीएम को भी शो-कॉज, 5 इंडिकेटर्स में ओवर ऑल रैंकिग में खराब प्रदर्शन

1 min read

जमशेदपुर : सदर अस्पताल खासमहल के सभागार में जिला उपायुक्त विजया जाधव की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति व स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित हुई। फ्रंटलाइन वर्कर के 49% व 65% हेल्थ केयर वर्कर द्वारा बूस्टर डोज लिए जाने को लेकर जिला उपायुक्त द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कार्ययोजना बनाते हुए जल्द से जल्द शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करें। वहीं सिनियर सिटीजन द्वारा बूस्टर डोज लेने में सिर्फ 28 फीसदी की उपलब्धि पर उन्होने व्यपाक जागरूकता अभियान चलाने तथा इसमें पंचायत प्रतिनिधियों से भी सहयोग लेने की बात कही गई। पीडीएस डीलर, जनसेवक तथा ग्राउंड पंचायत व ग्राम स्तर पर कार्यरत अन्य कर्मियों के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाते हुए अपेक्षित प्रगति लाने की बात कही गई। जिला उपायुक्त ने कहा कि कोरोना के प्रसार का खतरा अभी कम नहीं हुआ है, ऐसे में जरूरी है कि दूसरा डोज ले चुके सभी सुयोग्य व्यक्ति बूस्टर डोज भी जरूर लें।

ए.एन.सी तथा संस्थागत प्रसव में जिले की उपलब्धि 87% पाये जाने पर जिला उपायुक्त द्वारा सभी एमओआईसी को निदेशित किया गया कि सभी गर्भवती महिलाओं का संस्थागत प्रसव हो इसे सुनिश्चित करायें, उन्होने स्पष्ट कहा कि संस्थागत प्रसव निजी या सरकारी अस्पताल कहीं भी हो यह जच्चा-बच्चा दोनों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। बैठक में इम्युनाईजेशन, परिवार नियोजन, कुपोषित बच्चों का एम.टी.सी में उपचार आदि बिदुओं पर भी समीक्षा की गई।

एमटीसी में पिछले 4 महीनों (अप्रैल,मई, जून, जुलाई) में कुल 390 कुपोषित बच्चे इलाज के लिए आए, जिनमें 359 का सफलतापूर्वक इलाज करते हुए डिस्चार्ज किया गया। घाटशिला एमटीसी में विगत चार माह (अप्रैल, मई, जून, जुलाई) में 56 बच्चे, मुसाबनी एमटीसी में 28, पोटका एमटीसी में 55 तथा पी.के.एस टेल्को में 123 कुपोषित बच्चों का उपचार किया गया।

एएनसी रजिस्ट्रेशन, फर्स्ट ट्राईमेस्टर रजिस्ट्रेशन, फोर्थ ट्राईमेस्टर रजिस्ट्रेशन, संस्थागत प्रसव, इम्युनाइजेशन में कुल 7 प्रखंडों पोटका, बहरागोड़ा, धालभूमगढ़, पटमदा, मुसाबनी, घाटशिला, डुमरिया के ओवरऑल खराब प्रदर्शन किए जाने पर बी.पी.एम तथा बी.ए.एम की एक दिन की सैलरी रोकने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया। वहीं कार्य में उदासीनता पर डीपीएम को भी शो-कॉज किया गया।

Share this news with your family and friends...

Leave a Reply

Your email address will not be published.