धनबाद के वैज्ञानिक डॉ. तापस चटर्जी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलवा, पोलैंड की नदी पर शोध पत्र प्रकाशित

KK Sagar
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इकोलॉजिकल मॉन्टेनेग्रिना जर्नल में छपा शोध, जल-कीटों और नदी पारिस्थितिकी पर अहम अध्ययन

धनबाद के हीरापुर निवासी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक डॉ. तापस चटर्जी ने एक बार फिर अपनी शोध क्षमता का लोहा मनवाया है। उनका नया शोध पत्र 21 अप्रैल 2026 को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल Ecological Montenegrina में प्रकाशित हुआ है। यह शोध पोलैंड की क्रापियल नदी में पाए जाने वाले जल-कीटों (Aquatic Heteroptera) और उनके पारिस्थितिक व्यवहार पर आधारित है।

इस अध्ययन में डॉ. चटर्जी के साथ पोलैंड के कई प्रमुख वैज्ञानिकों ने भी सहयोग किया। शोध के तहत नदी के विभिन्न स्थलों पर फील्ड वर्क कर जल की गुणवत्ता, जैविक संरचना और मानव गतिविधियों के प्रभाव (Anthropogenic Effects) का गहन विश्लेषण किया गया। वैज्ञानिकों ने Principal Component Analysis (PCA) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पर्यावरणीय कारकों और कीटों की उपस्थिति के बीच संबंध स्थापित किया।

शोध में नदी के हाइड्रोमॉर्फोलॉजिकल (Hydromorphological) मूल्यांकन के साथ-साथ जैविक, रासायनिक और भौतिक मानकों का भी अध्ययन किया गया, जिससे नदी पारिस्थितिकी को बेहतर समझने में मदद मिलेगी।

बताया जाता है कि डॉ. तापस चटर्जी जल जीवों के वर्गीकरण (Taxonomy) और जलीय पारिस्थितिकी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित नाम हैं। अब तक उनके 200 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं और उन्होंने 30 से ज्यादा देशों के डेटा पर आधारित अध्ययन किए हैं।

डॉ. चटर्जी की यह उपलब्धि न केवल धनबाद बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है और यह भारतीय वैज्ञानिकों की वैश्विक पहचान को और मजबूत करती है।

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