डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : चांडिल डैम का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने डैम के दो रेडियल गेट खोल दिए हैं। इन दोनों गेटों को लगभग 20 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है ताकि पानी की सुरक्षित निकासी की जा सके और जलस्तर को नियंत्रित किया जा सके।
खेतों में घुसा पानी, बर्बादी की कगार पर फसलें
मिली जानकारी के अनुसार डैम का जलस्तर 179.80 मीटर पर पहुंचने से बैकवाटर का पानी अब आसपास के विस्थापित क्षेत्रों और निचले इलाकों में फैलने लगा है। इसका सबसे बुरा असर स्थानीय किसानों पर पड़ा है। कई गांवों के खेतों में पानी पूरी तरह प्रवेश कर चुका है, जिससे खेतों में खड़ी गर्मा धान समेत अन्य फसलों को व्यापक नुकसान हो रहा है।
किसानों में बढ़ी चिंता, प्रशासन मुस्तैद
खेतों में पानी भरने से पकी हुई धान की फसल के सड़ने और बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे क्षेत्र के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो उनकी बची-खुची फसल भी बर्बाद हो जाएगी। दूसरी ओर डैम प्रबंधन और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने और फसलों को और अधिक क्षति से बचाने के लिए ही दो रेडियल गेटों से पानी की निकासी शुरू की गई है। अगर जरूरत पड़ी तो आगे और भी कदम उठाए जा सकते हैं।

