डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : भारतीय ऑटोमोबाइल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स लिमिटेड ने वैश्विक स्तर पर बड़ा धमाका करने की तैयारी कर ली है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में दुनिया की शीर्ष चार वाणिज्यिक वाहन निर्माताओं में अपनी जगह बनाना है। टाटा सन्स और टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने गोवा में आयोजित ‘कमर्शियल व्हीकल डीलर बिजनेस प्लानिंग मीट 2026’ के दौरान कंपनी के इस महात्वाकांक्षी विजन को साझा किया।
राजस्व में ऐतिहासिक उछाल: अकेले CV सेगमेंट का दबदबा
चेयरमैन चंद्रशेखरन ने कंपनी की वित्तीय प्रगति का एक बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि आज अकेले टाटा मोटर्स का वाहन कारोबार वैश्विक स्तर पर इस कदर प्रतिस्पर्धा कर रहा है कि यह खंड अकेले ही करीब 80 अरब डॉलर के राजस्व की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह तुलना इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि साल 2017 में पूरे टाटा समूह का कुल राजस्व 100 अरब डॉलर था। इससे पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में टाटा के ऑटोमोटिव बिजनेस ने कितनी असाधारण तरक्की की है।
’इवेको’ का अधिग्रहण बदलेगा गेम, रेगुलेटरी मंजूरी जल्द
टाटा मोटर्स के इस ग्लोबल मिशन में ‘इवेको’ का अधिग्रहण सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है। इस मेगा-डील के संबंध में ताजा अपडेट देते हुए चंद्रशेखरन ने बताया कि अधिग्रहण के लिए जरूरी विनियामक मंजूरियों की प्रक्रिया इस समय जारी है। कंपनी को पूरी उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही तक यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी। इस रणनीतिक कदम से टाटा मोटर्स को न केवल नए वैश्विक बाजारों में सीधा प्रवेश मिलेगा, बल्कि उनकी उत्पाद क्षमताओं और उन्नत तकनीकी विकास को भी जबरदस्त मजबूती मिलेगी।
सही मायनों में एक ‘इम्पैक्टफुल ग्लोबल ब्रांड’ बनने की तैयारी
चेयरमैन ने डीलरों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य एकदम साफ है। हम सही मायनों में एक प्रभावशाली और वैश्विक वाणिज्यिक वाहन कंपनी बनना चाहते हैं। विभिन्न वाणिज्यिक वाहन श्रेणियों में मात्रात्मक वृद्धि के दम पर कंपनी आने वाले 3 से 4 वर्षों में घरेलू और विदेशी बाजारों में अपनी हिस्सेदारी को अभूतपूर्व रूप से मजबूत करने जा रही है।

