डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : अगर आप भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट कर थक चुके हैं, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है। समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में उपायुक्त राजीव रंजन ने ‘जन शिकायत निवारण दिवस’ के तहत आम जनता से सीधा संवाद किया। इस दौरान जिले के कोने-कोने से पहुंचे नागरिकों ने राशन, पेंशन, ज़मीन विवाद से लेकर अपने घरों के भीतर चल रहे पारिवारिक विवादों तक की शिकायतें उपायुक्त के सामने रखी। उपायुक्त ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याओं को सुना और ऑन-द-स्पॉट संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए।
बेटा-बहू का अत्याचार और डायलिसिस यूनिट में बदसलूकी का मामला
इस बार के शिकायत निवारण दिवस में कुछ बेहद संवेदनशील मामले सामने आए। एक वृद्ध माता-पिता ने अपने ही बेटा-बहू द्वारा किए जा रहे अमानवीय व्यवहार की दर्दनाक कहानी सुनाई, जिस पर उपायुक्त ने तुरंत संज्ञान लिया। इसके अलावा, डायलिसिस यूनिट में गंभीर मरीजों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की शिकायत को भी उपायुक्त ने बेहद गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए।
इन प्रमुख समस्याओं पर भी पहुंचे आवेदन
जनता दरबार में केवल प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि कई सामाजिक और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामले भी छाए रहे।
शिक्षा: ‘शिक्षा का अधिकार’ के तहत प्राइवेट स्कूलों में बच्चों के नामांकन में आ रही दिक्कतें।
रोजगार व लोन: पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लोन की स्वीकृति में हो रही देरी।
बुनियादी ढांचा: खराब जलमीनार की मरम्मत, पक्के नाले का निर्माण और बिजली के पोल लगाने की मांग।
कागजी कार्रवाई: म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में देरी और मुआवजा भुगतान के मामले।
संवेदनशीलता दिखाएं अफसर, टालमटोल बर्दाश्त नहीं
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का असली मकसद आम लोगों की समस्याओं का तुरंत और स्थाई समाधान ढूंढना है। सभी विभागीय अधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें। आवेदनों की जांच कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। काम में किसी भी तरह की ढिलाई या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

