डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के कोडरमा में वन विभाग की टीम ने तस्करों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के सुजानपुर गांव में, वो भी सीधे एसपी आवास के ठीक पीछे चल रहे अवैध लकड़ी के एक बड़े गोदाम का भंडाफोड़ हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी में वन विभाग ने करीब 15 से 20 लाख रुपये कीमत की बेशकीमती लकड़ियां जब्त की हैं। मौके से दो कथित तस्करों को भी दबोचा गया है।
गुप्त सूचना पर बुना गया जाल
वन प्रमंडल पदाधिकारी सौमित्र शुक्ला को गुप्त सूचना मिली थी कि सुजानपुर के एक मकान में भारी मात्रा में अवैध लकड़ियों को छिपाकर रखा गया है। मामला संवेदनशील इलाके का था, इसलिए DFO के नेतृत्व में तुरंत वन विभाग की एक विशेष टीम तैयार की गई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसपी से अतिरिक्त पुलिस बल मांगा गया और फिर संयुक्त रूप से इस ठिकाने पर धावा बोल दिया गया।
13 ट्रैक्टरों में भरकर निकली बेशकीमती लकड़ियां
जब टीम मकान के निचले हिस्से में बने गोदाम में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। गोदाम में अवैध रूप से कटी हुई लकड़ियों का अंबार लगा था। बरामद माल में शीशम, सागवान, सखुआ, गमहार और अकेशिया जैसी बेहद महंगी लकड़ियां शामिल हैं। वन विभाग ने यहां से करीब 13 ट्रैक्टर लकड़ी जब्त की है। हालांकि सटीक कीमत का आकलन जब्ती सूची बनने के बाद होगा, लेकिन शुरुआती अनुमान के मुताबिक इसकी कीमत 15 से 20 लाख रुपये के बीच आंकी जा रही है।
बड़े सिंडिकेट का खुलेगा राज
छापेमारी के दौरान वन विभाग ने मौके से दो आरोपियों सूरज साव और केवल साव को गिरफ्तार किया है। वीआईपी इलाके में इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध कारोबार ने सुरक्षा और वन विभाग की चौकसी पर भी सवाल खड़े किए हैं।
डीएफओ सौमित्र शुक्ला ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों से सघन पूछताछ की जा रही है। यह सिर्फ एक गोदाम नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। इस तस्करी सिंडिकेट से जुड़े अन्य सफेदपोशों और तस्करों को भी जल्द ही बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस कार्रवाई के बाद से इलाके के लकड़ी माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि ये लकड़ियां किस जंगल से काटी जा रही थी और इन्हें कहां सप्लाई किया जाना था।

