स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बड़ा फैसला, सिविल सर्जनों को सौंपी गई जिम्मेदारी; लापरवाह एजेंसियों पर होगी एफआईआर
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य की 108 एंबुलेंस सेवा को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की है कि अब 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन सीधे जिला सदर अस्पतालों से किया जाएगा। इस व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी संबंधित जिले के सिविल सर्जन को सौंपी जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान में सेवा संचालित करने वाली एजेंसियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। कई एजेंसियों ने अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य नहीं किया, जिससे मरीजों को समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल सकी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिम्मेदारी निभाने में विफल एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था अंतरिम रूप से लागू की जा रही है और तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक नई एजेंसी का चयन और नई एंबुलेंस की खरीद की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। नई एंबुलेंस की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया पहले से जारी है।
डॉ. इरफान अंसारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 108 सेवा की सभी एंबुलेंस—चाहे वे चालू हालत में हों या खराब पड़ी हों—उन्हें संबंधित जिला सदर अस्पताल में जमा कराया जाए। इसके बाद सिविल सर्जन की निगरानी में इन एंबुलेंसों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
नई व्यवस्था को अंतिम रूप देने के लिए 21 जुलाई को पांच सदस्यीय समिति की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में संचालन की रूपरेखा, जिम्मेदारियों के बंटवारे और आगे की रणनीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से 108 एंबुलेंस सेवा अधिक प्रभावी होगी और राज्य के मरीजों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं पहले से अधिक तेज, सुचारु और भरोसेमंद तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।

