यूरोप घूम रहे राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के लिए एक बुरी खबर है। एक तरफ बिहार में बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल जोरों पर है। इस बीच आरजेडी को बड़ा झटका लगा है। आरजेडी काफी पुराने प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने राजद से इस्तीफा दे दिया है।
मृत्युंजय तिवारी ने लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार मृत्युंजय तिवारी ने आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल से मिलकर पार्टी के प्रवक्ता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद मृत्युंजय तिवारी ने राष्ट्रीय जनता दल के सांगठनिक ढांचे और कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृत्युंजय तिवारी ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि वर्तमान में आरजेडी के भीतर समर्पित और निष्ठावान होकर काम करने वाले लोगों के लिए कोई जगह नहीं बची है। सालों तक पार्टी की नीतियों और विचारों को मुखरता से जनता के बीच रखने के बावजूद उन्हें लगातार दरकिनार किया जाता रहा।
समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप
मृत्युंजय तिवारी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में भी हमेशा पार्टी हित में समर्पित होकर कार्य किया। वे हर मोर्चे पर आरजेडी का बचाव करते रहे, लेकिन इस कड़ी मेहनत और अटूट निष्ठा के बावजूद पार्टी में उन्हें कोई उचित पद या सम्मान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के लिए खून-पसीना बहाने वाले पुराने साथियों के योगदान की अनदेखी कर पैरवी और चाटुकारिता को तवज्जो दी जा रही है।
लालू यादव के करीबी रहे मृत्युंजय तिवारी
मृत्युंजय तिवारी को लालू प्रसाद यादव ने प्रवक्ता के साथ मीडिया प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी 2014 को सौंपी थी। मृत्युंजय तिवारी ने उस दायित्य का बखूबी निर्वहन किया। उन्होंने ये जिम्मेदारियां सौंपने के लिए लालू प्रसाद यादव को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को अपनी चिंताओं से अवगत कराया है।

