Bihar: बिहार में दोपहर 1 बजे तक 42% वोट पड़े, कई जगहों पर वोट बहिष्कार, छपरा में माकपा प्रत्याशी पर हमला

Neelam
By Neelam
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बिहार विधानसभा चुनाव में दोपहर 1 बजे तक 42 प्रतिशत मतदान हो चुका है। निर्वाचन आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दोपहर 1 बजे तक औसतन 42.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। अब तक गोपालगंज जिले में सर्वाधिक 46.73 प्रतिशत वोटिंग हुई है, जबकि पटना में सबसे कम 37.72 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।

अन्य जिलों में मधेपुरा में 44.16, सहरसा में 44.20, दरभंगा में 39.35, मुजफ्फरपुर में 45.41, सिवान में 41.20, सारण में 43.06, वैशाली में 42.60, समस्तीपुर में 43.03, बेगूसराय में 46.02, खगड़िया में 42.94, मुंगेर में 41.47, लखीसराय में 46.37, शेखपुरा में 41.23, नालंदा में 41.87, भोजपुर में 41.15 और बक्सर में 41.10 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।

छपरा के मांझी में माकपा प्रत्याशी पर हमला

उधर, छपरा के मांझी विधायक सह सीपीएम प्रत्याशी की गाड़ी पर हमला हो गयाय़ डॉक्टर सत्येंद्र यादव की गाड़ी पर हमला हुआ है।

भोजपुर के अगिआंव में वोट बहिष्कार

भोजपुर जिले के अगिआंव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्ही उत्क्रमित मध्य विद्यालय स्थित बूथ संख्या 175 पर मतदान के दौरान बड़ा मामला सामने आया है। यहां ग्रामीणों ने मतदान प्रक्रिया का सर्वसम्मति से बहिष्कार कर दिया, जिसके चलते मतदान शुरू होने के कई घंटों बाद भी केवल तीन वोट ही पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है, लेकिन जनप्रतिनिधियों द्वारा आज तक कोई समाधान नहीं किया गया। विकास कार्यों के अभाव से आक्रोशित लोगों ने चुनावी प्रतिनिधियों को स्पष्ट संदेश देते हुए मतदान से दूरी बनाई। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन लोग अपने निर्णय पर अड़े रहे।

मधेपुरा में लोगों ने किया वोट बहिष्कार

मधेपुरा के बिहारीगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मुरलीगंज प्रखंड के दीनापट्टी सखुआ पंचायत के तिलकोरा गांव में बूथ संख्या 92, 93, 94 पर वार्ड 11, 12 और 13 के मतदाता सड़क की समस्या को लेकर वोट बहिष्कार कर दिया है। सुबह से बहुत कम संख्या में लोग मतदान केंद्र पर पहुंचे हैं। बीडीओ और सीओ लोगों को समझाने पहुंचे हैं, लेकिन लोग लिखित आश्वासन मांग कर रहे थे। इसके बाद दोनों अधिकारी वापस लौट गए।

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