बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पटना में चुनाव आयोग की राजनीतिक दलों के साथ बैठक पूरी हो चुकी है। बैठक में कई राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान सभी दलों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने सुझाव और मांग को चुनाव आयोग के सामने रखा। बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि हमने विधानसभा चुनाव एक या दो चरणों में कराने का प्रस्ताव रखा है। बिल्कुल यही मांग जेडीयू के मंत्री संजय झा ने भी इलेक्शन कमीशन के सामने पेश की है।

बीजेपी ने रखे 16 सूत्री मांग और सुझाव
भाजपा ने चुनाव आयोग के सामने 16 सूत्री मांग और सुझाव रखे हैं। बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि भाजपा ने एक या दो चरणों में चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा न खींचा जाए। साथ ही, मतदान केंद्रों पर आने वाली बुर्का पहनने वाली महिलाओं के चेहरों का मिलान उनके वोटर आईडी कार्ड (EPIC) से सुनिश्चित किया जाए, ताकि केवल वास्तविक मतदाता ही अपने मत का प्रयोग कर सकें। भाजपा ने इस दौरान मतदाता सूची की तैयारी पारदर्शी और बेहतर तरीके से करने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग को बधाई दी।
जेडीयू ने दिया महाराष्ट्र चुनाव का हवाला
वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने चुनाव आयोग की बैठक में बिहार में विधानसभा चुनाव एक चरण में कराने की मांग रखी है। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में वे बोले कि राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत है और पुलिस प्रशासन पूरी तरह दुरुस्त है, इसलिए एक फेज में चुनाव संभव है। संजय झा का कहना है कि महाराष्ट्र में एक फेज में चुनाव हुए है, तो बिहार में क्यों नहीं? साथ ही उन्होंने हर बूथ पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की भी मांग रखी है ताकि मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
बीजेपी ने की धार्मिक स्थलों से बूथ हटाने की मांग
भाजपा ने चुनाव आयोग से कहा है कि बिहार के कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्र धार्मिक स्थलों में स्थित हैं। बार-बार आयोग को इस संबंध में निवेदन करने के बाद भी इन मतदान केंद्रों को नहीं बदला जा रहा है। ये सभी मतदान केंद्र आज से 30 साल पहले से बने हुए हैं। पहले इन इलाकों में कोई भी सरकारी भवन और स्कूल-कॉलेज नहीं हुआ करते थे। अब सभी जगहों पर मतदाताओं के निकट स्कूल और कॉलेज हो गए हैं। चुनाव के पूर्व इन सभी मतदान केंद्रों की जांच कर नए सरकारी भवन में मतदान केंद्र बनाने की मांग रखी है।
छठ पर्व के बाद चुनाव कराने की मांग
राजनैतिक दलों ने मतदान केन्द्र पर 1200 मतदाताओं को अधिकतम संख्या निर्धारित करने के लिए आयोग को धन्यवाद किया। राजनैतिक दलों ने बिहार के मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए छठ पर्व के बाद चुनाव कराने की मांग की और चुनाव को कम से कम चरणों में कराने का सुझाव दिया। चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में उठाए गए कई नए कदमों, जैसे पोस्टल वोटों की गिनती एवं फॉर्म 17C संबंधी प्रावधानों की व्यवापक सरहाना की गई। सभी दलों ने चुनाव आयोग पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया और स्वतंत्र, निष्पक्ष और पूर्णत: पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग में पूरा विश्वास जताया।
चुनाव आयोग की राजनैतिक दलों से अपील
वहीं,निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि सभी दल पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया के हर पड़ाव पर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। चुनाव पर्व को सौहार्द से मनाएं, मतदाताओं का सम्मान करें। चुनाव की पारदर्शिता का अनुभव करें, हर बूथ पर राजनैतिक दल अपने पोलिंग एजेंट नामित करना न भूलें। राजनैतिक दलों ने चुनाव आयोग के मतदाता सूची के शुद्ध करने के लिए एसआईआर के ऐतिहासिक, पारदर्शी और दृढ़ कदम उठाने के लिए धन्यवाद किया, और चुनावी प्रक्रिया के प्रति अपनी पूरी निष्ठा और विश्वास को दोहराया।

