डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने महिला आरक्षण संशोधन बिल के लोकसभा में पारित न हो पाने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। हावड़ा के उलुबेड़िया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने दावा किया कि यह विफलता भाजपा की हार का स्पष्ट संकेत है और अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
मुख्य अंश
अस्थिर सरकार: ममता ने कहा कि केंद्र सरकार के पास अपना बहुमत नहीं है, वह सहयोगियों के सहारे टिकी है।
हार की स्वीकारोक्ति: बिल का गिरना भाजपा की नैतिक पराजय है, इसीलिए ‘बाबू’ (पीएम) को राष्ट्र के नाम संबोधन करना पड़ा।
महिला प्रतिनिधित्व: टीएमसी में महिलाओं की भागीदारी भाजपा के लिए एक सबक है।
सहारा हटा तो गिर जाएगी दिल्ली की सत्ता
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के स्थायित्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार बैसाखियों के सहारे चल रही है। उन्होंने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार बहुमत के बिना सिर्फ दूसरों के सहारे टिकी हुई है। उनके पास अपने दम पर संख्या बल नहीं है। जिस दिन यह सहारा हटेगा, उसी दिन दिल्ली की सरकार धड़ाम से गिर जाएगी।
महिला आरक्षण पर भाजपा को घेरा
शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल (33% कोटा) के गिरने को ममता ने भाजपा के पतन का प्रस्थान बिंदु बताया। उन्होंने कहा कि 2029 से आरक्षण लागू करने का वादा केवल एक छलावा था। परिसीमन बिल का जिक्र करते हुए सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा इसके जरिए देश को बांटने की साजिश रच रही थी।
टीएमसी बनाम भाजपा: आंकड़ों की बाजी
अपनी पार्टी की उपलब्धियां गिनाते हुए ममता ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के मामले में भाजपा को टीएमसी से सीखना चाहिए। उन्होंने गर्व से आंकड़े पेश किए:
लोकसभा में टीएमसी की महिला सदस्य: 36%
राज्यसभा में टीएमसी की महिला सदस्य: 46%
ममता ने कहा मैं 1998 से महिलाओं के हक के लिए लड़ रही हूं। भाजपा हमें क्या सिखाएगी? हमने अपने सांसदों को भाजपा को हराने के लिए दिल्ली भेजा था और हमने उन्हें हरा दिया है।
बम-गोली से नहीं डरती
विपक्षी दलों और कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए ममता ने कहा कि उन्हें डराने-धमकाने की कोशिशें बेकार हैं। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, मुझे बम या गोली से नहीं डराया जा सकता। जिसका जन्म हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है, लेकिन मैं आखिरी सांस तक भाजपा के खिलाफ लड़ना नहीं छोड़ूंगी।

