डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर :दक्षिण-पूर्व रेलवे के आर्द्रा मंडल में रेल पटरियों के रखरखाव और सिग्नल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आज से रोलिंग ब्लॉक शुरू कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा यह ब्लॉक 29 जून से 5 जुलाई तक लिया जा रहा है, जिसमें इंजीनियरिंग, टीआरडी और सिग्नल व टेलीकम्युनिकेशन विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। इस कार्य के चलते झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली कई मेमू, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन में बड़ा बदलाव किया गया है। रेलवे ने यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए सफर पर निकलने से पहले ट्रेनों की सटीक स्थिति जांचने की सलाह दी है।
प्रमुख मेमू ट्रेनें रद्द और प्रभावित रूट
रोलिंग ब्लॉक के कारण रोजाना सफर करने वाले दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अलग-अलग तारीखों में आसनसोल-आर्द्रा, आर्द्रा-मिदनापुर, आर्द्रा-भागा, आसनसोल-पुरुलिया, टाटानगर-आसनसोल रूटों पर चलने वाली कई मेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी।
कुछ प्रमुख ट्रेनों का शॉर्ट-टर्मिनेशन
रेलवे ने कुछ मुख्य ट्रेनों को उनके निर्धारित अंतिम स्टेशन से पहले ही रोकने (शॉर्ट-टर्मिनेट करने) का निर्णय लिया है। इसके तहत टाटानगर-आसनसोल-बाराभूम, आसनसोल-पुरुलिया, और चक्रधरपुर-गोमो व आसनसोल-टाटानगर मार्ग पर दौड़ने वाली कुछ ट्रेनें अपने आखिरी स्टेशन तक नहीं जाएंगी। इन ट्रेनों को बीच में ही आर्द्रा या महुदा स्टेशन तक चलाया जाएगा, जहां से ये ट्रेनें वापस लौट जाएंगी। इसके कारण लंबी दूरी के यात्रियों को आगे के सफर के लिए अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ेगा।
खड़गपुर-हटिया एक्सप्रेस के समय में बदलाव
लोकल ट्रेनों के अलावा इस रूट से गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के समय में भी फेरबदल किया गया है।
गाड़ी संख्या 18035 (खड़गपुर-हटिया एक्सप्रेस): यह ट्रेन 29 जून, 2 जुलाई और 3 जुलाई को अपने तय समय से 1 घंटे की देरी से खड़गपुर स्टेशन से रवाना होगी।
गाड़ी संख्या 18036 (हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस): विपरीत दिशा में चलने वाली यह गाड़ी 30 जून को अपने निर्धारित समय से 1 घंटे विलंब से खुलेगी। इसके अलावा 1 और 4 जुलाई को भी यह ट्रेन हटिया स्टेशन से 1 घंटे की देरी से प्रस्थान करेगी।
चक्रधरपुर-मनोहरपुर रेलखंड पर ड्रोन से कड़ी निगरानी
नक्सली संगठन द्वारा बंद के आह्वान को देखते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। आरपीएफ और रेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं और ऑपरेशन ट्रैक हॉक के तहत एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 25 जून से ही चक्रधरपुर और मनोहरपुर स्टेशन के बीच नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रेल पटरियों की ड्रोन सर्विलांस (निगरानी) और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया जा रहा है, ताकि ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन में किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह विफल किया जा सके।

