मिशन मोड में जिला प्रशासन: गर्मी में पानी-बिजली की किल्लत बर्दाश्त नहीं, DC की दो टूक

Manju
By Manju
4 Min Read

डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला, अनुमंडल व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक आहूत की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सेवा प्रदायगी में गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारी को निर्देशित किया कि किसी भी माध्यम ऑनलाइन, ऑफलाइन और जनसुनवाई से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का शीघ्र समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने बिजली व पेयजल आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी तरह की बाधा से पेयजल व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को समुचित समन्वय स्थापित करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया। उन्होने सभी प्रखंडों में पेयजल स्रोतों की मरम्मत कार्य में तेजी लाने और गैंगमैन को सक्रिय रखते हुए खराब पड़े हैंडपंप, पाइपलाइन व अन्य स्रोतों को शीघ्र दुरुस्त करने की बात कही। शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, यह सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में उपायुक्त ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कार्यालय कार्यों के निष्पादन के लिए निर्धारित व समर्पित समय तय करें, जिससे आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। अनुशासन व कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना पूर्व सूचना व सक्षम अनुमति के कोई भी पदाधिकारी जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी अपने मुख्यालय में उपलब्ध रहें ताकि आपातकालीन परिस्थितियों व जनसमस्याओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उपायुक्त ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को कार्यालय कार्य व फील्ड निरीक्षण के बीच संतुलन बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालय में बैठकर कार्य करने से जमीनी हकीकत की सही जानकारी नहीं मिलती इसलिए सभी पदाधिकारी नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण करें, लाभुकों से संवाद स्थापित करें और साथ ही कार्यालय में लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन भी सुनिश्चित करें।

भूमि संबंधी मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) को निर्देश दिया कि भूमि विवाद, म्यूटेशन व अन्य राजस्व मामलों का निष्पादन संवेदनशीलता व प्राथमिकता के आधार पर करें। साथ ही गैर मजरूआ जमीन की अवैध खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने व ऐसी गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, डीटीओ, उप नगर आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी, एसडीओ घाटशिला, एनडीसी व जिला स्तरीय अन्य पदाधिकारी, अधीक्षण, कार्यपालक, सहायक अभियंता, बीडीओ, सीओ व अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Share This Article