धनबाद: उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित कर जिले के अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर समीक्षा की गई। बैठक में एसएनएमएमसीएच मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सदर अस्पताल समेत विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में बिजली, पानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी अस्पतालों में बिजली ऑडिट, फायर ऑडिट, गार्बेज ऑडिट और वाटर ऑडिट कराने का निर्देश दिया, ताकि सुरक्षा मानकों का प्रभावी ढंग से पालन हो सके। साथ ही अस्पताल परिसरों में सोलर ऊर्जा व्यवस्था और उसकी वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने एसएनएमएमसीएच और सदर अस्पताल परिसर में बिजली आपूर्ति को और बेहतर बनाने के लिए ‘डेडिकेटेड फीडर’ लगाने की दिशा में कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया। इसके लिए धनबाद अंचल अधिकारी को भूमि चिह्नित करने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अस्पतालों में लगे डीजी जेनसेट की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में जेनसेट का एएमसी सुनिश्चित किया जाए, ताकि आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल की जा सके और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों।
उन्होंने विशेष रूप से ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी, आईसीयू, पीसीयू और एसएनसीयू जैसे संवेदनशील विभागों में निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उपायुक्त ने कहा कि गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और चिकित्सा सेवाओं में किसी भी परिस्थिति में बाधा न आए, इसके लिए हर स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी स्नेह कश्यप, सदर उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार, एसएनएमएमसीएच के डॉ. सीएस सुमन, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, सभी एमओआईसी समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

