सरकारी जमीन पर कब्जा पड़ेगा भारी! जानिए उपायुक्त की हाई-लेवल बैठक के बड़े फैसले

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र, सरकारी व डीम्ड लीज भूमि अतिक्रमण से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। राजस्व संग्रहण से संबंधित सभी विभागों की क्रमवार समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि वैसे विभाग जो गत वर्ष शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाये वे अपनी कमियों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष बेहतर कार्ययोजना बनाकर शुरू से ही कार्य करें ताकि वित्तीय वर्ष के अंत तक शत प्रतिशत राजस्व प्राप्ति के लिए अतिरिक्त दबाव नहीं पड़े।

साथ ही कहा वितीय वर्ष के प्रथम तिमाही में लक्ष्य निर्धारित करते हुए राजस्व प्राप्ति के लिए प्रयास शुरू कर दिया जाए। सभी राजस्व संग्रहण करने वाले विभागों को गत वर्ष राजस्व संग्रहण में लक्ष्य प्राप्त नहीं करने के स्पष्ट कारणों का उल्लेख करते हुए एक साप्ताह के अंदर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया। उप नगर आयुक्त मानगो नगर निगम को होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए कैम्प कर लोगों को प्रोत्साहित करने, उत्पाद विभाग को अवैध शराब कारोबारियों पर कार्रवाई बढ़ाने और निबंधन विभाग को प्रस्तावित नये दर का प्रारूप तैयार कर राजस्व वसूली का काम प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त द्वारा नीलाम पत्र की समीक्षा में लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। उन्होने स्पष्ट कहा कि सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी नियमित सुनवाई करते हुए अगली बैठक से पूर्व 10 प्रतिशत केस का निष्पादन सुनिश्चित करें। संबंधित पदाधिकारी अन्य विभागीय कार्यो की तरह नीलाम पत्र के मामलों का भी दैनिक रूप से निष्पादन के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

जमीन की खरीद बिक्री, म्यूटेशन, भूमि सीमांकन और भूमि अभिलेख में परिशोधन, लगान रसीद काटने की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा के अंदर आवेदनों के निष्पादन पर बल दिया। म्यूटेशन को लेकर उपायुक्त द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सरकार के द्वारा सेवा की गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करें। लगान रसीद मामले पर सभी अंचलों में लोगों को लगान रसीद कटाने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। तहसील कचहरी की व्यवस्था के माध्यम से स्थानीय स्तर पर लोगों के भूमि संबंधित समस्याओं का समाधान करने और सभी तहसील कचहरी का नियमित संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जन शिकायत से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए नागरिकों के माध्यम से प्राप्त जनहित और व्यक्तिगत शिकायतों पर नियम के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेश दिया गया।

भू-अर्जन की समीक्षा में राष्ट्रीय व राजकीय महत्व की राजमार्ग और रेलवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि अर्जन और रैयतों के मुआवजा भुगतान पर चर्चा की गई। लंबित मुआवजा भुगतान के वास्तविक लाभुकों की पहचान सुनिश्चित करते हुए संबंधित पक्षकारों को मुआवजा भुगतान से संबंधित दास्तावेज संबंधित त्रुटियों के निराकरण के लिए गांव में तिथि निर्धारित कर कैम्प आयोजित करने का निर्देश दिया गया। इसके लिए निर्माण एजेंसियों, संबंधित अंचल, भू-अर्जन व रैयतों से आपसी समन्वय स्थापित कर परियोजना कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। वहीं सरकारी भूमि और डीम्ड लीज भूमि अतिक्रमण की भी समीक्षा में अतिक्रमण के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई, उच्च न्यायालय, झारखंड, रांची से पारित न्यायादेश का अनुपालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।

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