धनबाद स्टेशन से रेस्क्यू किए गए चार नाबालिग अब लौटेंगे घर, गांव के ही शख्स पर मानव तस्करी का आरोप

KK Sagar
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धनबाद: धनबाद रेलवे स्टेशन पर मौर्य एक्सप्रेस से रेस्क्यू किए गए चार नाबालिग बच्चों को सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सोमवार को उनके परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा। बाल संरक्षण तंत्र की सतर्कता के कारण संभावित बाल तस्करी के इस मामले का समय रहते खुलासा हो गया और बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।

जानकारी के अनुसार 13 मई की रात धनबाद रेलवे स्टेशन पर मौर्य एक्सप्रेस से चार नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया था। सभी बच्चे बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं और कथित रूप से काम करने के लिए चेन्नई एवं हैदराबाद जा रहे थे। इस दौरान उनके साथ मौजूद गांव के ही एक व्यक्ति को संदिग्ध तस्कर के रूप में हिरासत में लिया गया था, जिसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।

मीडिया से बातचीत के दौरान बाल कल्याण समिति की सदस्य ममता अरोरा ने बताया कि बच्चों को धनबाद स्टेशन से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया था। उनके साथ मौजूद व्यक्ति बच्चों के गांव का ही रहने वाला है और उसे रिश्तेदार बताया जा रहा है। हालांकि जांच में उसे संदिग्ध तस्कर मानते हुए उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि सभी नाबालिगों की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच है। फिलहाल चारों बच्चों को बोकारो स्थित सहयोग विलेज में रखा गया है। सोशल इनवेस्टिगेशन रिपोर्ट प्राप्त होने और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बच्चों को उनके अभिभावकों को सौंप दिया जाएगा।

वहीं, बच्चों के परिजनों ने दावा किया है कि बच्चे किसी रिश्तेदार के साथ घूमने के लिए गए थे। हालांकि बाल संरक्षण इकाइयों द्वारा की गई जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है।

बाल संरक्षण विभाग का कहना है कि समय पर की गई कार्रवाई से बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया और अब सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें उनके परिवार के हवाले किया जाएगा।

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