नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। उनके भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के लक्ष्य पर खास फोकस रहा। पीएम मोदी ने ‘सप्त धारा’ का जिक्र करते हुए मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, डिफेंस प्रोडक्शन, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर को अहम बताया l
मैन्युफैक्चरिंग में लागत, गुणवत्ता और स्केल जरूरी
पीएम मोदी ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, क्योंकि यही भारतीय उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बनेगी। नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए भारतीय कंपनियों को बड़े वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।
किसानों पर नहीं पड़ने दिया वैश्विक कीमतों का बोझ
वैश्विक संकटों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका असर भारत पर भी पड़ा है, लेकिन सरकार ने किसानों पर बढ़ती लागत का बोझ नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में यूरिया की कीमत करीब 3,000 रुपये तक पहुंचने के बावजूद किसानों को यह करीब 300 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, DAP की कीमत 5,000 रुपये तक पहुंचने के बावजूद किसानों को 1,250 रुपये में दी जा रही है।
गति-शक्ति और डिफेंस प्रोडक्शन पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि देश में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हाई-स्पीड रेल, आधुनिक हाईवे, इनलैंड वॉटरवे, एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और आधुनिक पोर्ट जरूरी हैं। उन्होंने पोर्ट-लेड डेवलपमेंट को बढ़ावा देने और डिफेंस प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत बताई। साथ ही भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता बनाने का लक्ष्य रखने की बात कही।
रिसोर्स को हथियार बनाने की चुनौती का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में कई संसाधनों को दबाव बनाने के साधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयों और टेक्नोलॉजी चिप्स से लेकर जमीन तक को हथियार बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता की दिशा में पिछले वर्षों में किए गए प्रयासों से भारत ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत हुआ है।
ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी में बड़े अवसर
पीएम मोदी ने रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास ब्लू इकोनॉमी में भी बड़ा अवसर है। समुद्र और तटीय संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल से आर्थिक विकास, रोजगार और लोगों की आजीविका को बढ़ावा दिया जा सकता है।
MSMEs को ग्लोबल मार्केट में पहुंच बनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में काम किया है। उन्होंने MSMEs से इन अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। पीएम ने कहा कि टेक्सटाइल, मशीनरी और फार्मा समेत भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ानी होगी।
सॉफ्ट पावर से पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
पीएम मोदी ने योग, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, फिल्म, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट को भारत की सॉफ्ट पावर बताया। उन्होंने कहा कि योग ने दुनिया को भारत से जोड़ा है और WAVES समिट को भी वैश्विक पहचान मिल रही है। देश में 100 से ज्यादा राष्ट्रीय उद्यानों का जिक्र करते हुए उन्होंने सॉफ्ट पावर के जरिए विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। उनके भाषण में देश की अर्थव्यवस्था, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के लक्ष्य पर खास फोकस रहा। पीएम मोदी ने ‘सप्त धारा’ का जिक्र करते हुए मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, डिफेंस प्रोडक्शन, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर को अहम बताया l
मैन्युफैक्चरिंग में लागत, गुणवत्ता और स्केल जरूरी
पीएम मोदी ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए, क्योंकि यही भारतीय उत्पादों की ब्रांड वैल्यू बनेगी। नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए भारतीय कंपनियों को बड़े वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।
किसानों पर नहीं पड़ने दिया वैश्विक कीमतों का बोझ
वैश्विक संकटों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका असर भारत पर भी पड़ा है, लेकिन सरकार ने किसानों पर बढ़ती लागत का बोझ नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में यूरिया की कीमत करीब 3,000 रुपये तक पहुंचने के बावजूद किसानों को यह करीब 300 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, DAP की कीमत 5,000 रुपये तक पहुंचने के बावजूद किसानों को 1,250 रुपये में दी जा रही है।
गति-शक्ति और डिफेंस प्रोडक्शन पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि देश में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हाई-स्पीड रेल, आधुनिक हाईवे, इनलैंड वॉटरवे, एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब और आधुनिक पोर्ट जरूरी हैं। उन्होंने पोर्ट-लेड डेवलपमेंट को बढ़ावा देने और डिफेंस प्रोडक्शन में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत बताई। साथ ही भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्तिकर्ता बनाने का लक्ष्य रखने की बात कही।
रिसोर्स को हथियार बनाने की चुनौती का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में कई संसाधनों को दबाव बनाने के साधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयों और टेक्नोलॉजी चिप्स से लेकर जमीन तक को हथियार बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता की दिशा में पिछले वर्षों में किए गए प्रयासों से भारत ऐसी चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत हुआ है।
ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी में बड़े अवसर
पीएम मोदी ने रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास ब्लू इकोनॉमी में भी बड़ा अवसर है। समुद्र और तटीय संसाधनों के जिम्मेदार इस्तेमाल से आर्थिक विकास, रोजगार और लोगों की आजीविका को बढ़ावा दिया जा सकता है।
MSMEs को ग्लोबल मार्केट में पहुंच बनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने करीब 40 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में काम किया है। उन्होंने MSMEs से इन अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। पीएम ने कहा कि टेक्सटाइल, मशीनरी और फार्मा समेत भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ानी होगी।
सॉफ्ट पावर से पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
पीएम मोदी ने योग, आयुर्वेद, होलिस्टिक हेल्थकेयर, हैंडीक्राफ्ट, संस्कृति, फिल्म, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट को भारत की सॉफ्ट पावर बताया। उन्होंने कहा कि योग ने दुनिया को भारत से जोड़ा है और WAVES समिट को भी वैश्विक पहचान मिल रही है। देश में 100 से ज्यादा राष्ट्रीय उद्यानों का जिक्र करते हुए उन्होंने सॉफ्ट पावर के जरिए विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया।

