तीन साल की नन्ही ताक्ष्वी बनीं ‘नन्ही राष्ट्रपति’, कभी द्रौपदी मुर्मू तो कभी डॉ. कलाम के रूप में जीता दिल

Reena Sharma
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गढ़वा: रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केशरी की करीब तीन वर्षीय पुत्री ताक्ष्वी रानी अपनी अनोखी प्रस्तुतियों को लेकर लोगों के बीच चर्चा में हैं। कम उम्र में ही ताक्ष्वी ने देश के दो महान राष्ट्रपतियों के रूप धारण कर लोगों का दिल जीत लिया।

26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर ताक्ष्वी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का रूप धारण किया था। तिरंगे को सलामी देते हुए उनकी मासूम प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी खूब पसंद की गयीं और लोग उन्हें प्यार से ‘नन्ही राष्ट्रपति’ कहने लगे।

वहीं, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ताक्ष्वी ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का रूप धारण किया। सफेद घुंघराले बालों की शैली, हल्के ग्रे रंग का बंद गले वाला कोट-पैंट और विनम्र अंदाज में उनकी प्रस्तुति ने लोगों को डॉ. कलाम की याद दिला दी।

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जब नन्ही ताक्ष्वी ने डॉ. कलाम के रूप में तिरंगे को सलामी दी, तो वहां मौजूद लोगों की नजरें उस दृश्य पर टिक गयीं। उनकी मासूम मुस्कान, आत्मविश्वास और देशभक्ति से भरी प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। मौके पर तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी और लोगों ने इस यादगार पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया।

ताक्ष्वी की दोनों प्रस्तुतियां अलग-अलग संदेश देती हैं। गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रूप में उन्होंने नेतृत्व और नारी सशक्तीकरण की झलक पेश की, जबकि स्वतंत्रता दिवस पर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के रूप में शिक्षा, विज्ञान और बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी।

करीब तीन साल की ताक्ष्वी रानी की इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि प्रेरणा की कोई उम्र नहीं होती। उनकी मासूम अदाओं में देशभक्ति और महान व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान की झलक लोगों को खूब पसंद आ रही है।

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